भिलाई इस्पात संयंत्र के नंदिनी माइंस में वेस्ट के रूप में पड़े हुए लगभग सवा करोड़ मि. टन लाइमस्टोन भिलाई संयंत्र प्रबंधन की उदासीनता के कारण बेकार पड़ा हुआ है. जबकि यह सड़क निर्माण में सड़क की मजबूती के लिए सर्वोत्तम रॉ मटेरियल माना जाता है. यद्यपि लोक निर्माण विभाग द्वारा वेस्ट लाइमस्टोन को सड़क निर्माण में उपयोग किए जाने हेतु प्रमाणित किया जा चुका है. इस संबंध में जागरूक नागरिकों द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी आवेदन देकर नंदिनी माइंस में बेकार पड़े वेस्ट मटेरियल लाइमस्टोन को उपयोग में लाने हेतु बीएसपी प्रबंधन को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया जा चुका है.

इसी तरह सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया मांढर के बंद पड़े सीमेंट प्लांट के खदानों में भी बड़ी मात्रा में वेस्ट लाइम उपलब्ध है इस कारखाने की मांढर, दोंदे और पथरी की बंद खदानों के वेस्ट लाइमस्टोन का उपयोग सड़क निर्माण के लिए किया जा सके. इस दिशा में क्षेत्रीय विधायकों एवं सांसदों को समुचित प्रयास करना चाहिए, जिससे प्रदेश में अपेक्षाकृत कम लागत से अधिक मजबूत सड़कों का निर्माण संभव हो सकेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
