बिलासपुर : हाईकोर्ट के निर्देश के बाद स्वास्थ्य सचिव पी दयानंद ने सिम्स हॉस्पिटल में करीब 6 घंटे तक रहकर एक-एक विभाग और वार्डों का निरीक्षण किया और कई निर्देश दिए. परिसर में जगह-जगह गंदगी, बदबू और कबाड़ देखकर वे नाराज हुए. हाई कोर्ट की ओर से नियुक्त कोर्ट कमिश्नरों की टीम ने भी सिम्स का निरीक्षण किया. दोनों की जांच रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी.
स्वास्थ्य सचिव दयानंद ने देखा कि दोपहर 1.00 बजे तक लोग पर्चियां बनाने के लिए कतार में लगे थे. यह मालूम होने पर कि वे सुबह 9.00 बजे से पहुंचे हैं, और दोपहर 2.00 बजे ओपीडी बंद हो जाएगा, अधिकारियों से उन्होंने व्यवस्था सुधारने के लिए कहा ताकि मरीज समय पर जांच कर सके. कई वार्डों के बाहर, भीतर पुराने बोर्ड और कबाड़ उन्हें पड़े मिले जिसे हटाने का निर्देश देकर उन्होंने अस्पताल को साफ सुथरा रखने कहा. गायनिक विभाग में टॉयलेट की गंदगी और बदबू देखकर उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि क्या वे इसका इस्तेमाल करते हैं, डॉक्टरों ने जवाब दिया कि नहीं. स्वास्थ्य सचिव ने पूछा कि फिर मरीज कैसे इसका उपयोग करते होंगे. फिजियोथैरेपी विभाग में भी उन्हें गंदगी दिखाई दी.
मरीजों से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य सचिव को पता चला कि कुछ लोग लगातार 2 दिन से पहुंच रहे हैं, लेकिन उनके ब्लड का भी सैंपल नहीं लिया जा सका है. डॉ नीरज शिंदे को हटाए जाने के बाद नियुक्त नए अधीक्षक डॉक्टर एस के नायक से भी उन्होंने चर्चा की और व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए दिशा निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान मालूम हुआ कि ऑर्थोपेडिक में डॉक्टरों की कमी है. यहां फायर सेफ्टी की व्यवस्था भी नहीं है. पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से उन्होंने ड्रेनेज को सुधारने और दीवारों का सीपेज ठीक करने कहा.
