छत्तीसगढ़ में पशुओं के इलाज के लिए गौवंश मोबाइल चिकित्सा यूनिट शुरू कर दी गई है. इसके तहत डॉक्टर्स पशुओं के घर पहुंच कर इलाज करेंगे. इससे पहले मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना और मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में अब पशुओं के इलाज के लिए घर पहुंच सेवा शुरू कर दी गई है. सीएम भूपेश बघेल ने बीते दिनों 20 अगस्त को 163 मोबाइल वेटनरी यूनिटों का शुभारंभ किया है. पशुपालक इस टोल फ्री नं. 1962 पर संपर्क कर सकते हैं.

रायपुर जिले के चारों विकासखंडो में एक-एक सुसज्जित मोबाइल वेटनरी यूनिट शुरू कर दी गई है. इस दौरान तिल्दा विकासखंड के कोदवा गांव पहुंचकर डॉ. ललित कुमार साहू ने इस यूनिट से गौवंशीय पशुओं का इलाज किया. इसके साथ ही आरंग विकासखंड के पारागांव गौठान में मोबाइल यूनिट के माध्यम से पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. पशुओं के बीमार होने से इस मोबाइल वेटनरी यूनिट को घर तक बुला सकते हैं. पशुओं का समय पर इलाज करा सकते हैं.
इलाज के साथ और भी सुविधाएं
डॉक्टर्स के साथ पैरावेट और हेल्पर भी मौजूद रहेंगे. हर विकासखंड के लिए एक यूनिट आवंटित की गई है. मोबाइल मेडिकल यूनिट से सुबह 8 से शाम 4 बजे तक पशुओं का इलाज होगा. मोबाइल यूनिट गांव-गौठान में पहुंचकर पशु चिकित्सक पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे. इसके साथ ही टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान के लिए भी टीके, लिक्विड नाइट्रोजन गैस, सीमेन की व्यवस्था भी रहेगी.
इस नंबर से करें संपर्क
दिए गए टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क कर सकते हैं. पशुपालक अपना पता, लोकेशन बताकर बीमार मवेशी के इलाज के लिए मोबाइल वेटनरी यूनिट को बुला सकेंगे. पशुपालक सुबह 8 से शाम 4 बजे तक संपर्क कर दिए हैं. इस कॉल सेंटर से पशुपालकों को पशुधन विकास और पशु स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की जानकारी भी दी जाएगी. मोबाइल वेटनरी यूनिटों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है. इससे ऑनलाइन रियल टाइम लोकेशन भी देखा जा सकता है.
