छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले सरकार ने मंत्रिमण्डल में बड़ा फेरबदल किया है. यह फेरबदल कई मायनों में महत्वपूर्ण है. इससे पहले सरकार ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को उपमुख्यमंत्री बनाकर एक बड़ा संदेश दे दिया था. नए उलटफेर में उपमुख्यमंत्री को मंत्रालय में बड़ी जिम्मेदारी देने के साथ ही गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का भी कद बढ़ा दिया गया है. संगठन से मरकाम को जहां मंत्रिमण्डल में लिया गया है वहीं संगठन की जिम्मेदारी तेजतर्रार युवा सांसद दीपक बैज को सौंपकर पार्टी ने संतुलन बनाने की कोशिश की है.

नए उलटफेर में हाल ही में उप मुख्यमंत्री बनाए गए टीएस सिंहदेव को ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. यह विभाग पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास था. सिंहदेव के पास लोकस्वास्थ्य और यांत्रिकी चिकित्सा शिक्षा एवं बीस सूत्रीय क्रियान्वयनऔर वाणिज्यकर (जीएसटी) विभाग की जिम्मेदारी भी है. स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही उद्योगजगत से उनकी घनिष्ठता को इससे बल मिलेगा. जाहिर है कि मुख्यमंत्री ने अपनी जिम्मेदारियों को भी उनके साथ बांटकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि उप मुख्यमंत्री का यह पद कोई पोशाकी पद नहीं है.
इसी तरह गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू को कृषि विभाग का भी मंत्री बनाया गया है. कृषि मंत्रालय इससे पहले इससे पहले वरिष्ठ मंत्री रविन्द्र चौबे के पास था. ताम्रध्वज साहू गृह और पीडब्ल्यूडी के अलावा धर्मस्व एवं पर्यटन के साथ कृषि विकास एवं किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री होंगे. मंत्रियों के विभागों के फेरबदल का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है. वहीं रविन्द्र चौबे के पास अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य, पशुधन एवं मछली पालन, जलसंसाधन एवं आयाकट के साथ साथ स्कूल शिक्षा और सहकारिता विभाग की भी जिम्मेदारी होगी.
सांसद दीपक बैज को पीसीसी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने के बाद पार्टी ने पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम को मंत्रिमण्डल में ले लिया. मरकाम को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछ़ड़ा वर्ग के साथ-साथ अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी सौंप दी गई है. उनपर एक बड़ी जिम्मेदारी अब इन वर्गों को साधने और साथ लेकर चलने की होगी. हालांकि उनके पास समय कम है पर चूंकि वे प्रदेश का संगठन देख रहे थे, इसलिए अगर इस काम को कोई सरलता से कर सकता है तो वह मरकाम ही होंगे.
नए सिरे से हो रही है जमावट
दरअसल, मंत्रिमण्डल में कसावट लाने के लिए इस फेरबदल की सुगबुगाहट काफी समय से चल रही थी. बस सही समय का इंतजार हो रहा था. राज्य में कांग्रेस के कई बड़े आयोजन होने थे. सभी तरफ से फारिग होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फेरबदल को अमलीजामा पहना दिया. राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसकी शुरुआत मंत्री टीएस सिंहदेव को उपमुख्यमंत्री बनाये जाने से की गई. इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दीपक बैज को दी गई और अब मरकाम को मंत्री बना दिया गया.
