सुप्रीम कोर्ट ने छात्राओं के लिए एक अहम फैसला सुनाते हुए सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को एक खास निर्देश दिया है. इस निर्देश के तहत इन सभी को वहां पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी पैड देने के लिए कहा गया है. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने यह फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी पैड का इंतजाम होना चाहिए.

एडवोकेट वरिंदर कुमार शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके लड़कियों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर चिंता जताई थी. याचिका में बताया था कि पीरियड में होने वाली दिक्कतों के कारण कई लड़कियां स्कूल छोड़ देती हैं. क्योंकि, उनके परिवार के पास पैड दिलाने लायक पैसे नहीं होते हैं और कपड़ा यूज करके उन दिनों में स्कूल जाना परेशानी का कारण बनता है. स्कूलों में भी लड़कियों के लिए फ्री पैड की सुविधा नहीं है. इससे उनके पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं मुफ्त मिलेगा सैनिटरी पैड देश भर के स्कूलों में कक्षा 6 से 12वीं तक में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड मुहैया कराने का निर्देश देने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को चार हफ्ते में यूनिफार्म पॉलिसी बनाने के निर्देश दे दिए हैं.
