रायपुर : राजधानी पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी मांग हिंदू राष्ट्र की नहीं है. क्योंकि बिना प्रारूप के उस पर कुछ भी कहना संभव नहीं है. हम रामराज्य की मांग करते हैं.

साईं बाबा को लेकर बागेश्वर सरकार के पंडित बाधीरेन्द्र कृष्णा शास्त्री के दिए गए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि हम साईं बाबा को लेकर दिए गए बयान का समर्थन करते हैं. शंकराचार्य ने कहा कि शिक्षा नीति में बदलाव की जरूरत है. मदरसे में अगर धार्मिक पढ़ाई हो सकती है तो, स्कूलों में हिंदू धर्म की पढ़ाई क्यों नहीं कराई जा सकती है.
एनसीइआरटी में मुगलों का चैप्टर हटाए जाने को लेकर कहा कि इतिहास जैसा है, वैसा पढ़ाया जाना चाहिए. तटस्थ इतिहास के लिए जरूरी है कि सबको सब कुछ पढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति या संत किसी पार्टी से जुड़ गया या उसका सदस्य बन गया तो वो महात्मा या हिंदू नहीं रह गया. चाहे वह किसी भी संप्रदाय का हो. बिना धर्मनिरपेक्षता के शपथ के कोई भी राजनीतिक दल पंजीकृत नहीं हो सकता. चाहे वो कोई भी दल हो.
