रायपुर : छत्तीसगढ़ कैडर 1986 बैच के आईपीएस डीएम अवस्थी 37 वर्ष पूरा कर आज रिटायर होंगे. वर्तमान में डीएम अवस्थी ईओडब्ल्यू और एसीबी के चीफ हैं. इसके पूर्व 2018 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें पुलिस महानिदेशक प्रदेश के डीजीपी का कमान सौपा था. आईपीएस अवस्थी करीब 3 साल डीजीपी के पद पर रहे. इसके बाद पुलिस अकादमी के डायरेक्टर बनाए गए. कयास लगाया जा रहा है कि EX DGP श्री अवस्थी को CM सेक्रेट्रिएट में उनकी काबिलियत के मुताबिक अहम् जिम्मेदारी रिटायरमेंट के बाद मिल सकती है.

बता दें कि 3 महीने पहले उन्हें ईओडब्ल्यू और एसीबी का चीफ बनाया गया था. 17 मार्च को राज्य मंत्री मंडल कैबिनेट ने पीएचक्यू में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी OSD का नवीन पद स्थाई रूप से 1 साल की अवधि के लिए नियमित किए जाने का निर्णय लिया था.
मूलतः कानपुर के रहने वाले डीएम अवस्थी 23 साल की उम्र में 1986 में वे आईपीएस चयनित हुए. पुलिस अकादमी हैदराबाद से प्रशिक्षण के बाद सतना से उनका प्रोबेशन शुरू हुआ. 3 साल गुजरात में इंजीनिरियंग सर्विस में रहे. पहली पुलिस कप्तानी उन्हें जिला छिंदवाड़ा की मिली इसके बाद वे रायगढ़ एसपी रहे. रायगढ से एआईजी इंट के पद पर भोपाल गए. इस पद पर वे तीन साल रहे. डीएम अवस्थी उन चुनिंदा आईपीएस अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने दो राज्यों में सात साल तक खुफिया विभाग का जिम्मा सम्हाला.
इंटेलिजेंस के बाद उन्हें एसपी उज्जैन बनाया गया. छत्तीसगढ़ बनने से पहले सिर्फ एक पोस्टिंग उन्होंने रायगढ़ एसपी के तौर पर की थी. मगर राज्य के बंटवारे के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला तो फिर छत्तीसगढ़ के होकर रह गए. छत्तीसगढ़ में वे रायपुर के एसएसपी, रायपुर आईजी के पद पर रहे. वे चार साल तक इंटेलिजेंस चीफ रहे. रमन सरकार की तीसरी पारी में इंटेलिजेंस से हटने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का दायित्व संभाला. दिसंबर 2018 में जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने एएन उपध्याय को हटाकर डीएम अवस्थी को डीजीपी बनाया था. इस पद पर वे करीब तीन साल रहे. फिर उन्हें पुलिस प्रशिक्षण का डायरेक्टर बनाया गया. तीन महीने पहले उन्हें ईओडब्लू और एसीबी का डायरेक्टर बनाया गया था.
