अपने ही हल्का नंबर के अवैध प्लाटिंग की जमीनों को खरीदने में लगे हैं
अकूत संपत्ति बनाने की लालच में नए-नए भ्रष्टाचार के तरीकों को जन्म दिया है और यदि किसी को संपत्ति की रखवाली का जिम्मा दे दिया जाए और वही उसे बटोरने में लग जाए तो प्रदेश का खोखला होना लाजमी है.

शहरों में अवैध प्लाटिंग की बात आम है, पर जिसे उस पर कार्यवाही करने का जिम्मा हो यदि वहीं लिप्त हो जाए तो उस क्षेत्र को बचा पाना कठिन है. दुर्ग जिला के बोरसी में अवैध प्लाटिंग का काम जोरों पर है. यहां के पटवारी व उसके सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा अवैध प्लाटिंग की जमीन को खरीदने की जन चर्चा क्षेत्र में हो रही है.
क्षेत्र के लोग बताते हैं कि एक ओर दुर्ग एसडीएम द्वारा अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, तो दूसरी ओर उनके अधीनस्थ क्षेत्र के कर्मचारियों द्वारा अवैध प्लाटिंग की जमीनों को खरीदने का काम किया जा रहा है. इस रवैये से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है. बताया जाता है कि हाल ही में खसरा नंबर 363/6 में क्षेत्र के पटवारी व सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर के नाम से संयुक्त जमीन खरीदी गई. इस जमीन का न तो डायवर्सन है और ना ही रेरा से किसी प्रकार की कोई सहमति ली गई है.
यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है. इसकी लिखित शिकायत होनी चाहिए. फिर भी मैं इसकी जांच करवा लेता हूं.
लक्ष्मण तिवारी, एसडीएम दुर्ग.
