कोरबा : माया वारियर आदिवासी विकास विभाग कोरबा में पदस्थ होने के बाद से ही भारी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रहने के कारण अंततः उनका स्थानांतरण कर दिया गया. कोरबा की पूर्व कलेक्टर रानू साहू की खासम खास बन कर डीएमएफ के कार्यों में भारी हेरफेर करने के लिए चर्चा में रही आदिवासी विकास विभाग कोरबा की सहायक आयुक्त माया वारियर अब तक किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बची हुई है. जबकि कलेक्टर रानू साहू कोयला लेवी वसूली और डीएमएफ की करोड़ों रुपयों की राशि में अनियमितता के लिए प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर हैं.

जब रायगढ़ कलेक्टर रहते उनके विभागीय आवास में ईडी ने रेड की थी. तब सहायक आयुक्त माया वारियर भी चर्चा में आई थी और समझा जा रहा था कि इन पर भी ईडी अपना शिकंजा कसेगा लेकिन ईडी की पुख्ता कार्रवाई से पहले ही माया वारियर को कोरबा से स्थानांतरित कर दिया.

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अवर सचिव मार्टिन लकड़ा ने एक आदेश जारी कर माया वारियर को आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अधीन उपायुक्त के पद पर इंद्रावती भवन रायपुर में पदस्थ किया है.
माया वारियर के स्थान पर श्रीकांत कसेर को कांकेर से कोरबा पदस्थ किया गया है. यह तबादला हाल ही में ईडी द्वारा कोरबा कलेक्टर कार्यालय की डीएमएफ शाखा में छापा मारकर डीएमएफ के कार्यों से सम्बंधित दस्तावेजों की जांच और रिकार्ड जप्त करने के बाद की गई है. सूत्रों के अनुसार माया वारियर के कार्यकाल की जांच करने पर आदिवासी विकास विभाग में बीते वर्ष से किये जा रहे करोड़ों रुपयों के घोटाले का खुलासा हो सकता है.
