जयपुर : राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान में सियासत तेज हो गई है. बहुचर्चित संजीवनी घोटाला भी फिर गरमाने लगा है. इस मसले पर अब जोधपुर के दो दिग्गज आमने सामने हो गए हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके परिवार पर भी हमला किया है. उन्होंने कहा है कि संजीवनी कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी के घोटाले में उनका पूरा परिवार लिप्त है.

घोटालों से कमाए हुए करोड़ों रुपए इथियोपिया और आस्ट्रेलिया सहित कई देशों में लगाया गया. मुख्यमंत्री गहलोत ने दावा किया कि राजपूत समाज के अध्यक्ष भगवान सिंह रोलसाबसर ने भी इस घोटाले की शिकायत करते हुए गरीब जनता का पैसा वापस दिलाने की बात कही थी लेकिन गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किसी की नहीं सुनी. जिस व्यक्ति के ऊपर इतने गंभीर आरोप हो, उसे मंत्री कैसे बनाया जा सकता है. प्रधानमंत्री को इसकी जांच करानी चाहिए. गहलोत ने कहा कि इस घोटाले में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिहं की पत्नी, माताजी, पिताजी और साले सहित 50 लोग आरोपी हैं.
गहलोत ने मांग की है कि गजेन्द्र सिंह द्वारा किए गए करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच ईडी को करनी चाहिए. इसके लिए खुद शेखावत को आगे आना चाहिए. SOG की जांच में उन पर जुर्म प्रमाणित हुआ है. ऐसे में शेखावत को चाहिए वे SOG के पास जाएं और कहें कि मुझे अरेस्ट कर लीजिए. इससे पहले उन्होंने राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश की थी. शेखावत सरकार गिराने की साजिश के मुख्य किरदार रहे हैं. वे वॉयस सेम्पल नहीं दे रहे और बार बार कोर्ट से रिलीफ ले रहे हैं. गहलोत ने कहा कि जोधपुर का सांसद हमारी सरकार गिरा रहा था. मारवाड़ का मुख्यमंत्री और उसकी सरकार गिराकर मारवाड़ को बेइज्जत कर रहे थे.
आम जनता के 900 करोड़ से ज्यादा रुपए लूट लिए गए
गहलोत ने आरोप लगाया कि केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत संजीवनी कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी के घोटाले मामले में लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. एसओजी की जांच में दूसरे गिरफ्तार किए गए आरोपियों के समान धाराओं में ही गजेन्द्र सिंह के ऊपर जुर्म प्रमाणित हुआ है. गहलोत ने कहा कि संजीवनी कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाले में एक लाख लोगों के करीब 900 करोड़ से ज्यादा रुपए लूट लिए गए. दोष सिद्ध होने के बाद भी SOG के पास प्रोपर्टी सीज करने का अधिकार नहीं है. इसलिए प्रोपर्टी भी सीज नहीं हो पाई है. प्रोपर्टी सीज करने का अधिकार ईडी के पास है. SOG द्वारा ईडी को पांच बार पत्र लिखकर आग्रह किया जा चुका है लेकिन फिर भी ईडी कोई एक्शन नहीं ले रही है.
