रायपुर : शहर से लगे नंदनवन में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वन विभाग इन दिनों पक्षी विहार का कायाकल्प और सुंदरीकरण का काम करवा रहा है. यहां पर गार्डन में बैठने के लिए पेड़ों की आकृति की कुर्सियां बनाई गई है. इसके साथ ही सेल्फी जोन व फिसलपट्टी लगाई गई है. तेंदुए-भालू के खाली बाड़ों में पक्षियों को रखने की तैयारी भी की जा रही है.

दरअसल, नवा रायपुर में जंगल सफारी निर्माण होने के बाद 80 एकड़ में फैले नंदनवन के ज्यादातर वन्यप्राणियों को सफारी में शिफ्ट करने से यहां काफी कम संख्या में पर्यटक आ रहे है. लिहाजा इसे पक्षी विहार में तब्दील कर यहां विदेशी पक्षियों को रखा गया है. अब वन विभाग के अधिकारी पक्षी विहार के कायाकल्प में लगे हैं, ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़े सके.
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नंदनवन के जिस पिंजरे में तेंदुए को रखा करते थे, अब उसमें विदेशी पक्षी को रखने की तैयारी की गई है. इसके अलावा जहां पर बंदर, अजगर और सियार को रखा जाता था, उस स्थान को तोड़कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है. नंदनवन पक्षी विहार के अंदर पर्यटकों को बैठने के लिए पेड़ों के तरह कुर्सियां बनाई गई है. इसके अलावा सेल्फी जोन का भी निर्माण किया गया है.
पक्षियों की संख्या बढ़कर 543
वर्ष 2017 से नंदनवन में लाए गए पक्षियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. पहले 221 पक्षी थे अब इनकी संख्या 543 हो गई है. नंदनवन की टीम सभी पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार के साथ जरूरत पड़ने पर दवाईयां व खाद्य पदार्थ देते हैं, ताकि पक्षी स्वस्थ रहें. यहां रखे गए विदेशी पक्षी प्रजनन भी कर रहे हैं. वन अधिकारियों के कोन्योर ब्लू तोता काकटेल, फिंच बजीज, सिल्की ब्लैक स्वान का भारत में प्रजनन बहुत कम होता है.
नंदनवन पक्षी विहार के एसडीओ अभय पांडेय ने कहा, नंदनवन पक्षी विहार का कायाकल्प करने विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. प्रस्ताव मंजूर होते ही काम शुरू कराया जाएगा. फिलहाल यहां पर सुंदरीकरण के छोटे-छोटे काम कराए जा रहे हैं. आने वाले समय में पर्यटकों को नंदनवन में कई तरह की सुविधा मिलेगी.
