रायपुर : किसान नेता राकेश टिकैत राजधानी रायपुर पहुंच चुके हैं. वे हसदेव अरण्य बचाओ आंदोलन में शामिल होने वाले हैं. बता दें कि राकेश टिकैत सरगुजा के हरिहरपुर में आयोजित किसान महा सम्मेलन में शामिल होने छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं. साथ ही नई राजधानी में चल रहे किसान आंदोलन में भी राकेश टिकैत के शामिल होने की खबरें सामने आ रही है.

बता दें कि राकेश टिकैत 4 दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं. आपको बता दें कि हसदेव को लेकर कोई कार्रवाई नहीं होने पर 2 मार्च 2022 से ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं. यह किसान महा सम्मेलन भी धरना स्थल हरिहरपुर में ही आयोजित है. ग्रामीणों का कहना है, अगर हसदेव का जंगल कट गया तो न सिर्फ जीवनदायनी हसदेव नदी सूख जाएगी बल्कि ऑक्सीजन का प्रमुख स्रोत भी ख़त्म हो जायेगा.
हसदेव अरण्य को काटे जाने से पिछले 5 वर्षो में यहां 70 से ज्यादा हाथी और सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो चुकी है. प्रदेश के किसानों की हजारों हेक्टेयर फसल प्रतिवर्ष हाथियों द्वारा रौंदी जा रही है.
वहीं नया रायपुर में विश्व धरोहर सिरपुर बचाने, हाईवे स्थित खैरझिटी, कौंवाझर, मालिडीह के कृषि भूमि, आदिवासी भूमि, गरीबों का काबिल कास्त भूमि, वन भूमि, शासकीय भूमि में गैर कानूनी ढंग से निर्माणाधीन करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट के विरोध में विगत 25 फरवरी 2022 से अंचल के किसानों द्वारा छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अखंड सत्याग्रह चल रहा है. सत्याग्रही किसानों ने नया रायपुर के किसान आंदोलन को भी समर्थन दिया है. 14 फरवरी को राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल दुबे के नेतृत्व में सैकड़ों किसान नया रायपुर पहुचेंगे जिसमें राकेश टिकैत भी शामिल हो सकते हैं.
