वार्ड के परिवार से मिले और उनका हालचाल जाना, समस्याओं पर की चर्चा
भिलाई- भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव मंगलवार को वार्ड 40 और 41 में पहुंचे. जहां वे वार्ड के हर गली मोहल्ले और पूरे एरिया का निरीक्षण किया. वार्ड के हर परिवार से मिले और उनका हालचाल जाना. सभी से बातचीत की और वार्ड की समस्याओं पर भी चर्चा किए.

सबसे पहले भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव सुबह 7:00 बजे नंदिनी चौक पहुंचे जहां वे हनुमान जी के मंदिर में पूजा अर्चना की हनुमान जी को प्रणाम किया और पूरे भिलाई वासियों संकट को हरने की प्रार्थना इसके बाद वार्ड भ्रमण की और जनता से भेंट मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना आप सभी समस्याओं के समाधान के लिए निर्देशित किए इस दौरान विधायक श्री यादव ने बड़े बुजुर्ग प्रणाम किया और छोटे बच्चों स्नेह दिया. इस अवसर पर एक छोटी प्यारी सी बच्ची भी वही उपस्थित थी जिसे गोद मे उठाकर विधायक श्री यादव ने स्नेह किया, बातचीत की.

वार्डवासियों के साथ बैठकर कर चाय पीते हुए विधायक श्री यादव ने वार्ड के विकास कार्य पर चर्चा करते हुए लोगों की समस्याओं को भी जाना. बारी बारी से सभी समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिए और अधिकारियों को निर्देश दिए.
विधायक को अपने बीच देख कर लोगों काफी उत्साहित रहे. विधायक देवेंद्र यादव एक-एक कर लोगों से मिले. इस दौरान लोगों ने कहा कि आप पहले विधायक हैं, जो हम आम नागरिकों की तरह है। हम सभी लोगों की दुख दर्द सझते हैं और हमारा हालचाल जानने के लिए हमसे मिलने आते रहते हैं. जब हम आम नागरिकों को भी आप से मिलना होता है तो आप बड़ी आसानी से हम सब को मिल जाते हैं. इससे पहले कभी कोई ऐसा नहीं हुआ जो बार-बार वार्ड दौरा करें. लोगों के घरों में जाकर उनका हालचाल जाने और लोगों के घर में जाकर पूछे कि आप सब कैसे हैं. कोई समस्या तो नहीं है, होगी तो हम उसे ठीक कर देंगे.

इससे पहले जो विधायक व नेता रहे. वे तो चुनाव के टाइम आते थे और हाथ जोड़कर वोट मांग लेते थे उसके बाद दोबारा शकल दिखाने भी नहीं आते हैं. 5 साल बाद जब फिर चुनाव होता था, तब फिर आते हैं. वैसे नेताओं से मिलना भी बड़ा कठिन होता था. 50 चक्कर बंगले के लगाने के बाद तब कहीं जाकर मुलाकात हो पाती थी, लेकिन भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव रोज सुबह जनता से मिलने तैयार हो जाते हैं. लोगों ने विधायक देवेंद्र यादव से कहा कि आप की विनम्रता, सरलता,सजता है जो हम सब का बहुत भाता है, आप विधायक व नेता जैसे नहीं बल्की हमारे परिवार के सदस्य जैसे है, जो हमारे हर दुख सुख में सामाने खड़े रहते हैं.
