रायपुर : अब स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए चिप्स और नमकीन का स्वाद आप राजधानी रायपुर में भी बैठकर ले सकते हैं. इसके लिए प्रदेश की पहली फैक्ट्री सेरीखेड़ी में तैयार की गई है. जहां स्व-सहायता समूहों ने बिहान योजना की सहायता से अपनी ही कमाई से 5 लाख रुपये की मशीन स्थापित की है और इसकी सहायता से पैक्ड चिप्स, नमकीन, मखाना सहित मसाला काजू आदि तैयार कर रही हैं, जिसे कि चिल्हर बाजार सहित थोक बाजार में भी बेचने की तैयारी चल रही है.

इसके लिए वर्तमान में ट्रायल के रूप में चावल का चिप्स बनाकर इसकी पैकिंग की जा रही है, जबकि इसके बाद आगे और भी अन्य कई प्रकार के उत्पाद बनाकर बेचे जाएंगे. इससे स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आय बढ़ने के साथ ही 100 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी आसानी से मिलेगा. रायपुर जिला पंचायत सीइओ आकाश छिकारा का कहना है कि सेरीखेड़ी में अपने नाम से उत्पाद तैयार कर चिप्स और नमकीन पैक करने के साथ ही इन्हें बाजारों में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है. यह प्रदेश की पहली मशीन ही होगी. इससे स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ने के साथ ही और भी लोगों को रोजगार मिलेगा.
प्रदेश की पहली मशीन
स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कई तरह के उत्पाद बनाकर बेचे जा रहे हैं. जिसके बाद चिप्स और नमकीन पैक करने की मशीन भी उन्होंने आपसी सहयोग से खरीदी है, और पैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं. वहीं, इस तरह की यह पहला प्रयोग रायपुर जिले में किया गया है और यह प्रदेश की पहली मशीन है.
बिरा नाम से बिकेंगे प्रोडक्ट
स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बिरा नाम दिया गया है. जिसमें “बि – का अर्थ बिहान जबकि रा से रायपुर” नाम से प्रोडक्ट्स तैयार किया जा रहा है और इसी नाम से इन्हें बेचा जाएगा. जिसकी कीमत पांच से दस रुपये तय की गई है और इसे आसानी से बड़ी दुकानों से लेकर छोटे ठेलों में भी इनकी सप्लाई की जाएगी.
छह महीने तक खराब नहीं होंगे उत्पाद
इसके लिए जिले की विभिन्न स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को सेरीखेड़ी मंगवाया जाएगा और इसके बाद फिर इसमें नाइट्रोजन सहित अन्य कई प्रकार के उत्पाद डालकर इन्हें तैयार कर इन्हें पैक किया जाएगा. वहीं, इन उत्पादों की पैकिंग के बाद इनकी वैधता छह माह तक रहेगी. यानी कि यह छह महीने तक खराब नहीं होंगे.
