महतारी वंदन योजना में हजारों महिलाओं को अपात्र बताकर करोड़ों की वसूली अन्याय, कांग्रेस ने पूछा- ढाई साल तक किस आधार पर किस्त दी
रायपुर- प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने महतारी वंदन योजना को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने हजारों लाभार्थी महिलाओं को अचानक अपात्र घोषित कर उनसे राशि वसूली किए जाने को महिलाओं के साथ सीधा धोखा और अन्याय करार दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वयं इन महिलाओं को पात्र माना, उनका पंजीयन किया और ढाई साल तक हर महीने उनके खातों में राशि भेजी. अब अचानक वही महिलाएं अपात्र कैसे हो गईं? सरकार बताए कि पात्रता तय करने में गलती किसकी थी? महिलाओं की या सरकार की?

प्रदेश कांग्रेस के मुुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महतारी वंदन योजना की मासिक किस्त के रूप में महिलाओं को जो राशि मिली, वह उन्होंने अपने घर-परिवार की जरूरतों में एवं बिजली बिल पटाने खर्च की है. अब सरकार रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, जगदलपुर सहित सभी जिलों के हितग्राहियों से एकमुश्त राशि वापस मांग रही है. सरकार बताए कि गरीब और मध्यमवर्गीय महिलाएं एक साथ इतनी बड़ी रकम कहां से लौटाएंगी? प्रशासन द्वारा पैसा वापस करने का दबाव बनाया जा रहा है और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है, जिससे महिलाएं मानसिताताक दबाव में हैं. ऐसी भी जानकारी सामने आ रही है कि कुछ महिलाएं रकम लौटाने के लिए सूदखोरों से मोटी ब्याज दर पर कर्ज ले रही हैं, कुछ अपने जेवर गिरवी रख रही हैं और कुछ रिश्तेदारों से उधार लेकर सरकारी वसूली की रकम जमा करने को मजबूर हैं. क्या यही भाजपा का महतारी वंदन है? क्या महिलाओं को सम्मान देने की गारंटी इसी तरह उन्हें कर्ज और मानसिक परेशानी में डालकर पूरी की जा रही है?
श्री ठाकुर ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है. विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंट के नाम पर महतारी वंदन योजना के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं से आवेदन करवाए गए. उस समय पात्रता की शर्तों को लेकर व्यापक रूप से स्पष्टता नहीं दी गई, लेकिन सरकार बनने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया. अब ढाई साल बाद पात्रता की समीक्षा के नाम पर महिलाओं से राशि वापस लेने का अभियान चलाया जा रहा है.
प्रदेश कांग्रेस के मुुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब महिलाओं के दस्तावेजों और पात्रता की जांच करके उन्हें योजना में शामिल किया गया था, तब जिम्मेदारी किस अधिकारी की थी? यदि सरकारी तंत्र की जांच में कमी थी तो उसकी सजा महिलाओं को क्यों दी जा रही है? सरकार की गलती का बोझ माताओं-बहनों पर डालना बंद किया जाए.
प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने का दावा करती है, लेकिन दूसरी तरफ उन्हीं महिलाओं से दी गई राशि की वसूली कर उन्हें आर्थिक संकट में धकेल रही है. यह सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है. उन्होंने मांग की कि महतारी वंदन योजना के नाम पर महिलाओं से की जा रही वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए, वसूली के नाम पर प्रशासनिक दबाव और कानूनी कार्रवाई की धमकी बंद की जाए तथा जिन महिलाओं को सरकार ने स्वयं पात्र मानकर भुगतान किया है, उनकी स्थिति स्पष्ट की जाए. भाजपा सरकार ने चुनाव के समय महिलाओं से जो वादा किया था, उसे पूरा करने की जिम्मेदारी सरकार की है. प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाए और मोदी की गारंटी के नाम पर किए गए वादे को जुमला साबित करने के बजाय सरकार अपने वचन को पूरा करे.
