e-KYC के बाद भी 9 महीने से नहीं मिला राशन
दुर्ग- जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बुधवार को जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी. उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा. जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर सोनल डेविड भी उपस्थित थे. जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित 115 आवेदन प्राप्त हुए. जनदर्शन के दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्राप्त अनेक आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लिया. उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन कर प्रकरणों की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए.
इसी कड़ी में जामुल के लवकुश नगर वार्ड निवासी ने बीपीएल राशन कार्ड में नाम दर्ज होने के बावजूद पिछले नौ माह से राशन नहीं मिलने की शिकायत की है. उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 से लगातार उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है. शासन के निर्देशानुसार ई-केवायसी की प्रक्रिया भी कई बार पूरी कराई गई, इसके बावजूद पोर्टल पर नाम प्रदर्शित होने के बाद भी राशन का आबंटन नहीं किया जा रहा है. लंबे समय से राशन नहीं मिलने के कारण परिवार को आर्थिक एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस पर कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को नियमानुसार परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए.
ग्राम खेदामारा (नवातरिया) थाना जामुल के किसानों ने सिंचाई के पानी का रास्ता बाधित किए जाने की शिकायत की. किसानों ने बताया कि अवैध प्लाटिंग एवं मकान निर्माण के चलते नहर से करीब 400 एकड़ कृषि भूमि तक पहुंचने वाला पानी के रास्ते को बंद कर दिया गया है इससे लगभग 30 किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है. भवन निर्माण से पहले संबंधित व्यक्ति को नहर से सिंचाई के लिए आने वाले पानी के निकासी हेतु नाली निर्माण की व्यवस्था करने को कहा गया था, किन्तु उक्त सिंचाई मार्ग को बंद कर दिया गया, जिसके कारण कृषि कार्य बाधित हो रहा है. किसानों ने नाली निर्माण कर सिंचाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की. इस पर कलेक्टर ने निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा. ग्राम पंचायत सोरम तहसील पाटन निवासी ने शासकीय तालाब को निस्तारी के लिए सुरक्षित रखे जाने की मांग की. उन्होंने बताया कि सरपंच द्वारा बिना कोई प्रस्ताव पारित किए मछली पालन के लिए अनुमति दे दी गई है. इससे तालाब का पानी दूषित हो रहा है और ग्रामीणों को निस्तारी में परेशानी हो रही है.



