रायपुर : भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य मतदाताओं के पंजीकरण में वृद्धि करना, विशेषकर युवा मतदाताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार सुनिश्चित करना है. यह दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए अहम है. इस दिन भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्र के प्रत्येक चुनाव में भागीदारी की शपथ लेनी चाहिए, क्योंकि भारत के प्रत्येक व्यक्ति का वोट ही देश के भावी भविष्य की नींव रखता है.

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का इतिहास
भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 1950 में हुई, जिसके 61 वें स्थापना वर्ष 25 जनवरी 2011 से राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने का फैसला लिया गया और तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने इसकी शुरुआत की थी. भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है, इसी को देखते हुए राष्ट्रीय मतदान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था.
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में निर्वाचन कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारी और मतदाताओं को विशेष पहल कर मतदान के लिए प्रेरित करने वाले जिलों को भी सम्मानित किया जाएगा. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यपाल अनुसुईया उइके होंगी.
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के लिए 2023 की थीम
हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस एक थीम के साथ मनाया जाता है. जिसके इर्द गिर्द भाषण और स्लोगन के साथ निबंध प्रतियोगिता की तैयारियां की जाती है. इस साल 2023 के राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम है ‘वोटिंग बेमिसाल है, मैं अवश्य वोट देता हूं.’
कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह करेंगे. यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के विशिष्ट आतिथ्य में दोपहर दो बजे प्रेक्षागृह, इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय रायपुर में होगा.
