दुर्ग, बालोद और बेमेतरा के हजारों किसान और हितग्राही होंगे लाभान्वित

दुर्ग- जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन की अध्यक्षता में गुरूवार को ऋण उप समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में बैंक के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों—दुर्ग, बालोद और बेमेतरा के हजारों किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों और महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों रुपये के ऋणों को मंजूरी दी गई है.
बैठक में बैंक के कार्यक्षेत्र जिला दुर्ग, बालोद, बेमेतरा के अंतर्गत 402 सहकारी समितियों से संबंधित कृषकों का फसल ऋणों हेतु पूरक साख सीमा 2026-27 से 2028-29 हेतु 2951 किसानों को 30.69 करोड़ रु., गन्ना उत्पादन हेतु 17 कृषकों को साख सीमा 40.69 लाख रु., कपास उत्पादन हेतु 3 कृषकों को 0.41 लाख, उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत सब्जी एवं मसाला उत्पादक 28 कृषकों को 39.89 लाख एवं गौपालन हेतु केसीसी साख सीमा वर्ष 2026-27 के लिए 243 कृषकों को 489.96 लाख रु. का ऋण स्वीकृत किया गया है.
मत्स्य पालन हेतु 4 कृषकों को 9.50 लाख, बकरी पालक, कुक्कुट पालक 8 कृषकों को को 16.24 लाख रु. इसी प्रकार 2 किसानों को ट्रेक्टर ऋण 15.45 लाख स्वीकृत किया गया. गोल्डन क्रेडिट कार्ड अंतर्गत 2 किसानों को 10.00 लाख, मध्यकालीन नार्मल ऋण योजनांतर्गत 5 कृषको को 14.06 लाख तथा 16 स्वयं सहायता समूहों को 20.50 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया है. इसी प्रकार अन्य हितग्राहियों के मांग अनुसार अकृषि ऋण स्वीकृत किया गया.
बैंक के माध्यम से ऋणनीति अनुसार उप संचालक कृषि/उद्यानिकी/पशुपालन/मत्स्य विभाग के विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार कृषकों के मध्य करने हेतु अध्यक्ष महोदय द्वारा निर्देश दिया गया ताकि बैंक के माध्यम से इन योजनाओं में अधिकाधिक कृषक लाभान्वित हो.
बैठक में नरेश यदु उपाध्यक्ष, संदीप कुमार भोई उप संचालक कृषि दुर्ग, अंशु गोयल नाबार्ड डीडीएम, कु.शिवांगी सहायक पंजीयक सहकारिता एवं एस.के.वर्मा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कुसुम ठाकुर अतिरिक्त मुख्य पर्यवेक्षक एवं एस.पी.वाहने शाखा प्रबंधक मुख्य रूप से उपस्थित थे.
