कुम्हार समाज ने पैतृक व्यवसाय के लिए मांगी 5 एकड़ आरक्षित भूमि, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

धमतरी- जिले के कुंभकार समाज ने अपने पैतृक व्यवसाय और आजीविका को बचाने के लिए समाज के जिला प्रतिनिधि मंडल ने धमतरी कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर शासन द्वारा घोषित 5 एकड़ भूमि को आरक्षित करने की पुरजोर मांग की है. ज्ञापन में बताया कि साल 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल के दौरान यह घोषणा की गई थी कि प्रदेश के प्रत्येक ग्राम और शहर में निवास करने वाले कुम्हार परिवारों के पैतृक व्यवसाय (मिट्टी शिल्प) के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित की जाएगी. लेकिन दुखद पहलू यह है कि आज इतने सालों बाद भी धमतरी जिले के 90% गांवों और शहरों में कुम्हारों को यह भूमि आवंटित नहीं हो सकी है. जिन गांवो अथवा शहर में भूमि आरक्षित हुआ है वहां अन्य समाज के लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है.
धमतरी जिले के कुल 44 गांवो में 15600 कुम्हार परिवार निवासरत है. मिट्टी ही कुम्हारो के आजीविका का मुख्य साधन है जिससे सभी समाज के शुभ कार्यों एवं अन्य उपयोगी मिट्टी के पात्र सामग्री बनाकर अपना जीवन यापन करते हैं. मिट्टी नहीं मिलने से कुम्हारो को अपना पैतृक व्यवसाय करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है उपरोक्त विषय के संबंध में अपर कलेक्टर जी को अवगत कराया गया जिसे गंभीरता से लेते हुए त्वरित कारवाही कर 5 एकड़ भूमि आरक्षित करने का आश्वासन दिया गया है.
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान कुंभकार समाज के जिला अध्यक्ष गगन कुंभ,कार संरक्षक बीशु चक्रधारी, प्रांतीय सदस्य द्विजराम कुंभकार, सचिव रामसुख चक्रधारी, कोषाध्यक्ष परशुराम प्रजापति, उमेश प्रसाद पाड़े, केंद्र प्रधान बारना हीरामन चक्रधारी, समयलाल चक्रधारी, ओंकार चक्रधारी उपस्थित रहे.
