एक हफ्ते में जारी होगी ग्रेडेशन सूची, अब हर दल को मिलेंगे न्यूनतम 50 हजार
संचालक ने दिया विभिन्न समस्याओं के निराकरण का आश्वासन
राजनांदगांव – मितान छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेश मारू और लोक मंच संचालक संगठन के अध्यक्ष तिलकराजा साहू के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक कलाकारों ने सोमवार को रायपुर में संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक संजय कन्नौजे से भेंट कर कलाकारों की समस्याओं का निराकरण करने का आग्रह किया.
संचालक श्री कन्नौजे से चर्चा करते हुए श्री मारू ने कलाकारों की ग्रेडेशन सूची शीघ्र जारी करने, विभागीय कार्यक्रम की प्रस्तुति के उपरांत मानदेय का भुगतान मुख्य कलाकार और दल प्रमुख को करने, विभाग में पंजीकृत कलाकारों का परिचय पत्र जारी करने और विभागीय कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए कलाकारों के मानदेय में वृद्धि करने की मांग की.
कलाकारों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद संचालक श्री कन्नौजे ने कलाकारों को बताया कि कलाकारों की नवीनतम ग्रेडेशन सूची एक सप्ताह के भीतर जारी कर दी जाएगी. विभाग में पंजीबद्ध कलाकारों का आई डी कार्ड बनाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी. उन्होंने आश्वस्त किया कि की मुख्य कलाकार या दल प्रमुख द्वारा अपने सहायक कलाकारों को स्वयं द्वारा भुगतान कर देने का प्रमाण पत्र मानदेय पत्रक के साथ संलग्न किया जाएगा तो मानदेय का भुगतान मुख्य कलाकार के खाते में किया जाएगा. श्री कन्नौजे ने बताया कि बी ग्रेड के कलाकार के सहायक कलाकारों के मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई और अब विभागीय कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले किसी भी दल को कम से कम लगभग 50 हजार रूपये का भुगतान किया जाएगा.
संचालक श्री कन्नौजे द्वारा कलाकारों के हित में लिए गए इन निर्णयों के प्रति मितान लोक कलाकार कल्याण संघ और प्रतिनिधिमंडल में शामिल कलाकारों ने हर्ष व्यक्त किया तथा संचालक के प्रति आभार जताया. प्रतिनिधि मंडल में मितान लोक कलाकार कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेश मारू, लोक गायिका कविता वासनिक, धरोहर के संचालक महादेव हिरवानी, स्वरधारा के संचालक विष्णु कश्यप, लोक तिहार के संचालक दीपक महोबिया, लोक मंच संचालक संगठन के अध्यक्ष और लोक धारा के संचालक तिलकराजा साहू, संगी के मया के संचालक राकेश साहू, गायक गोरेलाल बर्मन, ननकी ठाकुर, संतोष दिवाकर, चंद्रभूषण वर्मा, शिवा जांगड़े, चंदन बाँधे, प्रदीप विश्वास, दिनेश देवांगन सहित सरगुजा, सारंगढ़ और बस्तर के लोक कलाकार शामिल थे.
