फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामला: रिसाली निगम की पार्षद पार्वती को नोटिस, 25 जून तक मांगा जवाब
दुर्ग- फर्जी जाति प्रमाण पत्र के एक गंभीर मामले में दुर्ग संभागायुक्त (कमिश्नर) एस.एन. राठौर ने रिसाली नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 38 (स्टोर पारा, पुरैना) की पार्षद पार्वती महानंद को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है. कमिश्नर ने पार्षद को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए 25 जून तक का अंतिम अवसर दिया है.
यह पूरा मामला वर्ष 2021 में हुए नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा हुआ है. वार्ड क्रमांक 38 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित था. पार्वती महानंद ने स्वयं को ‘गाड़ा’ जाति का बताते हुए इस आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल कर पार्षद निर्वाचित हुई थीं. चुनाव के बाद उनकी जाति प्रमाण पत्र की वैधता को चुनौती देते हुए एक शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत के बाद इस मामले की गहन जांच की गई, जिसमें निम्नलिखित तथ्य सामने आए हैं. जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने बीते 7 मई को अपनी रिपोर्ट सौंपी. जांच में समिति ने पाया कि पार्वती महानंद का जाति प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी है. इसे कथित रूप से अवैध और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तैयार कराया गया था. इस फर्जीवाड़े की पुष्टि जिला महासमुंद के अपर कलेक्टर द्वारा बीते 19 मई को जारी पत्र से भी हुई है, जिसमें तहसीलदार कोमाखान की जांच रिपोर्ट का स्पष्ट उल्लेख किया गया है.
