उड़ीसा तक फैले थे तार, 13 ठिकानों पर छापेमारी
कांकेर- उत्तर बस्तर कांकेर जिले में पिछले कई महीनों से किसानों की नाक में दम करने वाले सोलर उपकरण चोर गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. कांकेर पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके कब्जे से 32 लाख 60 हजार रुपये से अधिक मूल्य की चोरी की संपत्ति और वारदात में इस्तेमाल वाहन व औजार बरामद किए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 6 से 8 महीनों के दौरान जिले के नरहरपुर, दुधावा, हल्बा और चारामा क्षेत्र के कई गांवों से लगातार सोलर पंप, सोलर प्लेट पैनल, स्टार्टर और केबल वायर चोरी होने की शिकायतें मिल रही थीं. लगातार बढ़ती चोरियों को गंभीरता से लेते हुए कांकेर पुलिस ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया था. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल के सुरागों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की.
इसी दौरान पुलिस ने संदेही जगदीश बंजारा (निवासी बागडोंगरी) और परमेश्वर राठौर (निवासी जामगांव) को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. आरोपियों ने बताया कि वे उड़ीसा के नवरंगपुर जिले के कोरडीही निवासी मंहगू मरकाम के साथ मिलकर रात के अंधेरे में खेतों से सोलर उपकरण चुराते थे और उन्हें बेचने के लिए उड़ीसा ले जाते थे.
भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी के माल को टाटा एस गोल्ड मैजिक वाहन में भरकर उड़ीसा पहुंचाया जाता था. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस की टीम ने उड़ीसा के विभिन्न क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस दौरान 13 अलग-अलग स्थानों से भारी मात्रा में माल बरामद किया गया, जिसमें शामिल हैं, 60 सोलर प्लेट पैनल, 7 सोलर फ्रेम सेट, 14 सोलर पंप, 14 स्टार्टर, भारी मात्रा में केबल वायर बरामद किए गए. इन उपकरणों की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख 60 हजार रुपये है. इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त टाटा एस गोल्ड मैजिक वाहन, कटर मशीन और टूल किट भी जब्त की गई है, जिसकी कीमत लगभग 7 लाख रुपये है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जगदीश बंजारा, परमेश्वर राठौर और उड़ीसा निवासी मंहगू मरकाम शामिल हैं. इन तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है. पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का संबंध जिले के कुल 16 चोरी के मामलों से पाया गया है. सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब बरामद सामान की पहचान कर उसे संबंधित किसानों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है.
