मेधावी विद्यार्थियों को 5-5 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की
राजनांदगांव – विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शुक्रवार को स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 120 मेधावी विद्यार्थियों को विद्या विभूषण सम्मान 2026 से सम्मानित किया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी. उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को 5-5 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की.
अपने लक्ष्य दीवारों पर लिखें, जो आपको संकल्प याद दिलाए : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि आज यहां सभी मेधावी बच्चों के चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक और अंदर की ताकत दिखाई दे रही है. उन्होनें सभी बच्चों से यह जानकारी ली कि वे अपने जीवन में क्या बनना चाहते है. उन्होंने कहा कि आप में से कोई डॉक्टर बनना चाहते है, कोई कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक या इंजीनियर बनाना चाहते हैं. आप जिस भी क्षेत्र में सेवा देना चाहते हैं, उस लक्ष्य को अपने घर के कमरे की दीवार पर लिखना कि आने वाले वर्षों में मैं इस पद पर जाना चाहता हूं. रोज पढ़ते समय यह दीवार आपको प्रेरणा प्रदान करेगी कि तुमने यह वादा किया था, अपने आप से एक संकल्प लिया था. तो उस वादे को पूरा करने की इच्छाशक्ति भी होनी चाहिए. दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है, जो तय कर लिया है, तो वह सपना अवश्य पूरा होगा. देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक मिसाईल मैन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम भी असफल हुए. इसलिए जीवन में कभी असफल होने पर निराश मत होना. बल्कि यह समझना कि सफलता के समीप हैं.

उन्होंने कहा कि राजनांदगांव सभी की पढ़ाई के लिए नालंदा परिसर एक राष्ट्रीय स्तर की सर्वसुविधायुक्त लाईब्रेरी बनने जा रही है. जहां सभी प्रकार की किताबें उपलब्ध रहेंगी. आने वाले वर्षों में बच्चों को इस लाईब्रेरी का लाभ मिलेगा.
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने सभी मेधावी बच्चों को सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि यह एक शुरूआत है. आगे आप अपने जीवन में प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अलग-अलग मकाम पर पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि सिविल सेवा, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी अन्य किसी पद में सेवाएं देने के लिए पहले यह जरूर समझेंकि किस उद्देश्य एवं प्रेरणा के साथ यह कार्य करना चाहते हैं. गरीब एवं जरूरतमंद की सेवा करने की प्रेरणा के साथ यदि किसी सेवा में जाएंगे तो वह प्रेरक स्थिति आजीवन कायम रहती है. देश एवं समाज के विकास के लिए अपना योगदान दें और दूसरों के लिए कुछ करने का जज्बा हो तो यह भाव जिंदगी भर स्थायी रहेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में जाने के लिए सिलेबस को ध्यान में रखते हुए थोड़ी किताबों को बार-बार पढ़ें. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सोशल मीडिया एवं नशे से दूर रहें तथा इसके साथ ही भटकाव की स्थिति नहीं होनी चाहिए. जो आप चाहते हैं, उसके लिए ईमानदारी बनाएं रखे और सही दिशा में कार्य करें. उन्होंने कहा कि ईमानदारी एक महंगा शौक है जिसे आप जीवन भर अपने साथ रखें. अपने जीवन में अनुशासन बनाएं रखें.
अभिभावकों से कहा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें और उनकी तुलना न करें. उनके साथ दोस्ती का व्यवहार रखें और उनका हाथ थाम कर चलें. कार्यक्रम को समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया.
इस अवसर पर डॉ. भीवराम अम्बेडकर की स्मृति में कक्षा 12वीं में जिले में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले ग्राम सुरगी के विद्यार्थी गजेन्द्र साहू तथा कक्षा 10वीं में जिले में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली विद्यार्थी उपमा सिन्हा को 10-10 हजार रूपए सम्मान राशि प्रदान की गई.
कार्यक्रम में महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सचिन बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू, राजगामी संपदा न्यास अध्यक्ष पूर्णिमा साहू, संतोष अग्रवाल, रेखा मेश्राम, सुमीत उपाध्याय, उत्तम साहू, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल, जिला समन्वयक समग्र शिक्षा सतीश ब्योहारे, छात्र युवा जन कल्याण संस्थान के संयोजक नागेश यदु सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित थे.
