सॉफ्टवेयर कंपनी में CTO और 10% शेयर का झांसा देकर 43 लाख से अधिक की धोखाधड़ी, दंपत्ति मुंबई से गिरफ्तार
पखांजूर (उत्तर बस्तर कांकेर)- सॉफ्टवेयर कंपनी में मुख्य तकनीकी अधिकारी (CTO) बनाने और 10 प्रतिशत शेयर होल्डर का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर दंपत्ति को कांकेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी पति-पत्नी ने शिकायतकर्ता को अपने जाल में फंसाकर 43,44,900/- रुपये (तिरालीस लाख चवालीस हजार नौ सौ रुपये) की ठगी की थी. थाना पखांजूर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मुंबई (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है.
फर्जी दस्तावेज और चेक के जरिए किश्तों में ली रकम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी आनंद चंदेल (CEO – ZEALAPP VIEW PRIVATE LIMITED) और उसकी पत्नी रेखा चंदेल ने शिकायतकर्ता को अपनी कंपनी में बड़ा पद और हिस्सेदारी देने का लालच दिया था. इसके लिए आरोपियों ने बकायदा फर्जी दस्तावेज, फर्जी चेक और बिजनेस कार्ड का इस्तेमाल किया. उनके झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने विभिन्न किश्तों में कुल 43,44,900/- रुपये आरोपियों के खाते और माध्यमों में ट्रांसफर कर दिए. धोखा होने का अहसास होने पर पीड़ित ने थाना पखांजूर में इसकी शिकायत दर्ज कराई.
मुंबई में दी दबिश, आरोपियों ने कुबूला जुर्म
शिकायत के बाद थाना पखांजूर में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 84/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था. कांकेर पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल राखेचा के निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया.
टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सतत पतासाजी के आधार पर मुंबई, महाराष्ट्र में दबिश देकर दोनों आरोपियों (आनंद चंदेल और रेखा चंदेल) को अभिरक्षा में लिया. पुलिस द्वारा कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹43.44 लाख से अधिक की रकम प्राप्त करना स्वीकार कर लिया है.
कांकेर पुलिस की आम जनता से अपील
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने आम नागरिकों से सतर्क रहने का आग्रह किया है. पुलिस ने अपील जारी करते हुए कहा है कि ऑनलाइन निवेश, मोटी कमाई वाली नौकरी या किसी व्यवसाय में साझेदारी के नाम पर आने वाले किसी भी प्रलोभन या लालच में न आएं. कोई भी बड़ा लेनदेन करने से पहले संबंधित व्यक्ति और कंपनी की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें, ताकि ऐसे ऑनलाइन और कॉर्पोरेट फ्रॉड से बचा जा सके.
