जेल से छूटते ही फिर बना कातिल: बड़े भाई की हत्या की सजा काट चुके आरोपी ने अब पूरे परिवार को सुलाया मौत की नींद
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के भवंतरा गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि मृतक का अपना बेटा सोना साय कश्यप और उसका पोता गोलू निकला. पुलिस की शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरी वारदात की वजह ‘पैतृक संपत्ति’ का विवाद थी.
संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान मेदनी प्रसाद कश्यप, पीताम्बर कश्यप, शांति बाई और कुमारी मोगरा के रूप में हुई है. लंबे समय से परिवार में जमीन और जायदाद को लेकर तनाव चल रहा था. आरोपी सोना साय कश्यप अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों पर संपत्ति बंटवारे को लेकर दबाव बना रहा था, जो अंततः इस भीषण नरसंहार में तब्दील हो गया.
पुराना अपराधी है मुख्य आरोपी
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी सोना साय कश्यप का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. वह पहले भी अपने ही बड़े भाई की हत्या के जुर्म में 15 साल की जेल काट चुका है. हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद वह गांव लौटा था, लेकिन उसके इरादे अब भी नहीं बदले थे. गांव लौटने के बाद फिर से संपत्ति का विवाद शुरू हुआ और उसने अपने बेटे गोलू के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया.
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा लिए हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जेल से बाहर आने के बाद सुधार के बजाय फिर से अपराध का रास्ता चुना. फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके बेटे को हिरासत में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.
