हाईकोर्ट का बड़ा फैसला , रामावतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्रकैद
बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें अमित जोगी को बरी किया गया था. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील (ACQA No. 66/2026) को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया.
कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है. साथ ही, अर्थदंड नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है. वर्तमान में जमानत पर चल रहे अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया गया है.
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में ट्रायल कोर्ट के निर्णय को “पूर्णतः अवैध और साक्ष्यों के विपरीत” बताया. अदालत ने कहा कि जिस साक्ष्य के आधार पर अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया गया, उसी को अमित जोगी के मामले में बिना ठोस कारण के खारिज कर दिया गया था.
अदालत ने यह भी माना कि पूरी साजिश के मास्टरमाइंड अमित जोगी थे और उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए इस हत्याकांड की योजना बनाई. जांच में सामने आया कि मई 2003 में रायपुर के ग्रीन पार्क होटल, बत्रा हाउस और तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास में कई बैठकों के दौरान इस साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई गई.
4 जून 2003 को रामावतार जग्गी पर मौदहापारा थाना क्षेत्र के पास हमला किया गया, जहां हमलावरों ने उनकी कार को घेरकर गोली मार दी. बाद में मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया, जिसकी जांच में फर्जी आरोपियों और साजिश का खुलासा हुआ.
ये पाए गए थे दोषी
जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे.
