कांग्रेस ने सरकार से मांगा श्वेत पत्र
रायपुर- प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम पर उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर केवल बयानबाजी करने का आरोप लगाया है। शुक्ला ने कहा कि पिछले वर्ष भाजपा सरकार और कृषि मंत्री की लापरवाही के कारण पूरे खरीफ के सीजन में किसान खाद्य के संकट से जुझे है. इस वर्ष भी ठोस प्रयास करने और उर्वरकों के समुचित इंतजाम करने के बजाए कृषि मंत्री रामविचार नेताम अभी से विपक्ष को कोसना शुरू कर चुके है. किसान खरीफ सीजन शुरू होने के तीन महिना पहले फरवरी में ही अपनी डिमांड सोसायटी के माध्यम से सरकार तक पहुंचा देते है. सरकार का दायित्व है कि वह किसानों के मांग के अनुरूप सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक पहुंचाएं ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके. सरकार उर्वरकों की उपलब्धता पर श्वेत पत्र जारी करे.
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पिछले खरीफ सीजन में राज्य के किसानों को 4.5 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता थी, साय सरकार शुरू के दो माह तक मात्र 80 हजार मीट्रिक टन ही उर्वरक दे पायी थी, किसान यूरिया से लेकर डीएपी और पोटाश सभी के लिए भटकते रहे, बिचौलियों के द्वारा ब्लेक मार्केट में तीन से चार गुने दाम में किसानों को यूरिया और डीएपी खरीदने को मजबूर होना पड़ा था.
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री स्पष्ट करें कि अभी तक सरकार के पास कितने टन उर्वरकों की मांग का अनुमान है और सरकार ने कितने टन उर्वरक इंतजाम कर लिया है. पिछली बार की तरह झूठ बोलकर किसानों को गुमराह मत करे. श्री शुक्ला ने कहा कि यदि उर्वरक की कालाबाजारी हो रही, बिचौलिए सक्रिय है तो इसके लिए भी सरकार ही जिम्मेदार. रामविचार नेताम विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाए ठोस कार्यवाही क्यों नहीं करते है?
