अब पूरी तरह डिजिटल होगा चालान भुगतान: 1 अप्रैल से e- Kosh पोर्टल से ही जमा होंगे ओटीसी चालान
एमसीबी- जिले में वित्तीय लेन-देन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है. अब 1 अप्रैल 2026 से सभी प्रकार के भौतिक (मैनुअल) चालानों की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी और केवल e-Kosh पोर्टल के माध्यम से जनरेट किए गए e&challan के जरिए ही बैंक में चालान जमा किए जा सकेंगे.
कलेक्टर कार्यालय (कोषालय शाखा) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, e- Kosh पोर्टल के e&challan मॉड्यूल के माध्यम से OTC ( Over the Counter ) चालान जनरेट कर उसे बैंक में जमा करना अनिवार्य होगा. शासन के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, डेटा एंट्री की त्रुटियों को कम करना और लेखांकन प्रणाली को अधिक सटीक एवं व्यवस्थित बनाना है.
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अब केवल ऑनलाइन जनरेट किए गए चालान को ही स्वीकार करें और उसी के माध्यम से राशि जमा कराना सुनिश्चित करें. इससे न केवल कार्यप्रणाली में तेजी आएगी बल्कि सरकारी वित्तीय प्रबंधन भी अधिक सुदृढ़ होगा.
प्रशासन ने यह भी बताया है कि यदि किसी कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति को ऑनलाइन ओटीसी चालान जनरेट करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे जिला कोषालय में पदस्थ चालान कक्ष प्रभारी श्री पंकज कुमार तिवारी से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए यूजर मैनुअल भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे प्रक्रिया को आसानी से समझा जा सकता है.
जिला प्रशासन ने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों, बैंक शाखा प्रबंधकों और संबंधित स्टांप वेंडरों को निर्देशित किया है कि वे नई व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें. इस डिजिटल पहल से न केवल कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा, जिससे आम नागरिकों को भी बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी.
