62 गांवों के 13471 किसानों और उपभोक्ताओं को मिलेगी लो-वोल्टेज एवं ट्रिपिंग से मुक्ति
खुज्जी- छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले के खुज्जी क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना को सशक्त बनाने एवं विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. इस योजना के अंतर्गत खुज्जी स्थित 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र में 53 लाख रुपये की लागत से स्थापित 3.15 एम.व्ही.ए. के नए अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर को राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट द्वारा सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया. इस क्षमता वृद्धि से खुज्जी क्षेत्र के 62 ग्रामों के लगभग 13471 कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा.
क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव एवं प्रबंध संचालक (वितरण) भीमसिंह कंवर के कुशल मार्गदर्शन में यह कार्य पूर्ण किया गया है. इस नए ट्रांसफार्मर के लगने से खुज्जी उपकेन्द्र की कुल पॉवर क्षमता 8.15 एम.व्ही.ए. से बढ़कर अब 11.30 एम.व्ही.ए. हो गई है.
खेती के सीजन में मिलेगी बड़ी राहत
कार्यपालक निदेशक श्री सेलट ने बताया कि इस अपग्रेडेशन से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान होगा. विशेष रूप से खेती के सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी. छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) द्वारा राजनांदगांव जिले के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार ऐसे कार्य किए जा रहे हैं.
किसानों और ग्रामीणों को धान के मौसम में बड़ी राहत
क्षेत्र की विद्युत समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए श्री सेलट ने कहा, पहले इस उपकेन्द्र में 5.0 एम.व्ही.ए. और 3.15 एम.व्ही.ए के एक ट्रांसफार्मर कार्यरत थे, जो अक्सर ओवरलोड हो जाते थे. विशेषकर धान की फसल के दौरान लोड शेडिंग और लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती थी. अब क्षमता विस्तार के बाद खुज्जी क्षेत्र के 62 गांवों के लगभग 13471 किसानों और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली और बेहतर वोल्टेज की आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर अधीक्षण अभियंता (राजनांदगांव वृत्त) शंकेश्वर कंवर, कार्यपालन अभियंता बीरबल उइके (डोंगरगांव), मुकेश कुमार साहू (परियोजना), ए.डी. टण्डन (एसटीएम), रविकांत शर्मा (सिविल) सहित सहायक अभियंता यशवंत तुमरेकी, प्रशांत कोडापे, दिलीप सोनी एवं अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे. सभी ने इस कार्य को क्षेत्र के समग्र विकास और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया.
