महाकवि कपिलनाथ कश्यप जयंती पर भव्य समारोह, कवि बलराम चंद्राकर ‘कपिलनाथ कश्यप सम्मान’ से सम्मानित
भिलाई- कुर्मी सेवा समिति भिलाई द्वारा कुर्मी भवन सेक्टर‑7, भिलाई में महाकवि कपिलनाथ कश्यप जयंती एवं सम्मान समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नरेंद्र कुमार बंछोर, चेयरमेन सेफी एवं अध्यक्ष ओए, भिलाई इस्पात संयंत्र थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष हेमंत चंद्रा ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. डी.पी. देशमुख उपस्थित रहे. समारोह में संतोष पाटनवार (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ी कुर्मी क्षत्रिय समाज भिलाई), अनिता वर्मा, अनामिका सिंगसार्वा, ईश्वरी वर्मा (राजप्रधान, दुर्ग) तथा वरिष्ठ साहित्यकार अरुण निगम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे.

कार्यक्रम की शुरुआत शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद महाकवि कपिलनाथ कश्यप के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और छत्तीसगढ़ी राजगीत के साथ हुई. संस्था अध्यक्ष हेमंत चंद्रा ने स्वागत भाषण देते हुए संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी. मुख्य वक्ता डॉ. डी.पी. देशमुख ने कश्यप जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके साहित्यिक योगदान पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो पाई है, जिस पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है.
कवि सम्मेलन में डॉ. कृष्ण कुमार पाटिल, डॉ. दीनदयाल साहू, विजेंद्र वर्मा, जागृति सार्वा, डॉ. गिरधर चंद्रा, संगीत वर्मा, बलराम चंद्राकर और ईश्वरी वर्मा ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी गीतकार एवं वरिष्ठ कवि बलराम चंद्राकर को ‘महाकवि कपिलनाथ कश्यप सम्मान’ से सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि नरेंद्र कुमार बंछोर ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ी काव्य के भगीरथ कवि कपिलनाथ कश्यप को प्रदेश के महाकवि की उपाधि से विभूषित किया जाना गौरव की बात है. उन्होंने कहा कि समाज को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर और व्यापक चर्चा करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए.
वरिष्ठ साहित्यकार अरुण निगम ने कश्यप जी के खंड काव्यों में प्रयुक्त विभिन्न छंदों को छत्तीसगढ़ी साहित्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया.
कार्यक्रम में मनवा कुर्मी समाज के अध्यक्ष जनक राम वर्मा, दिल्लीवार कूर्मि समाज के अध्यक्ष कुबेर देशमुख, युवा कूर्मि समाज अध्यक्ष अजय चंद्राकर, प्रेम लाल पिपरिया, दिलीप देशमुख, दिनेश वर्मा, दिनेश वर्मा ( आ. ), पवन चंद्राकर , पुष्पक राज देशमुख, राकेश चंद्रा, जगमोहन गभेल, कांता चंद्रा, याद राम चंद्रा, देवदत्त कौशिक, राजेश कौशिक, रमेश कौशिक, मूलचंद चंद्रा, शिव चंद्रा, रुपेश चंद्रा, सुरेश चंद्रा, बद्री चंद्रा, अरुणा वर्मा, लल्ली पाटनवार, शीला चंद्रा, ललिता चंद्रा, अन्नपूर्णा वर्मा, अनीता वर्मा, शशि कश्यप, केवड़ा राजवाड़े, किरण चंद्रा, नंदा चंद्रा, ज्योति चंद्रा, आशा चंद्रा, वृंदा चंद्रा समेत समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. पूरे कार्यक्रम का संचालन डॉ. गिरधर चंद्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन महिला अध्यक्ष अनामिका सिंगसार्वा ने किया.
