KVK कर्मचारियों का पाँच दिवसीय कामबंद हड़ताल, मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
रायपुर- छत्तीसगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) सर्व कर्मचारी कल्याण संघ की 5 दिवसीय कामबंद हड़ताल का आज दूसरा दिन है. कर्मचारी 18 महीनों से लंबित भत्तों, वेतन और सेवा लाभों के भुगतान की मांग कर रहे हैं. अधिकारी और कर्मचारी 16 से 20 फरवरी 2026 तक पांच दिवसीय कामबंद हड़ताल और रायपुर में प्रदर्शन कर रहे हैं विश्वविद्यालय प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्होंने मांगें पूरी न होने पर 20 फरवरी के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है. यह आंदोलन कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वेतन-विसंगति, अपूर्ण वेतन भुगतान तथा सेवा-लाभों की बहाली की मांग को लेकर किया जा रहा है.

संघ ने स्पष्ट किया कि कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी होस्ट संस्था इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के ही कर्मचारी हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) एवं IGKV के मध्य संपन्न समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुसार KVK कर्मचारियों की पूर्ण वित्तीय एवं सेवा-संबंधी देयता (Liability) विश्वविद्यालय की है. इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार इस दायित्व से पल्ला झाड़ता आ रहा है. संघ का आरोप है कि इसी कारण विगत 18 माह से अधिक अवधि से KVK के कृषि वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को पूर्ण वेतन एवं वैधानिक भत्ते नहीं मिल पा रहे हैं. इस स्थिति ने कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक, मानसिक एवं पारिवारिक संकट में डाल दिया है.
धरना स्थल पर संघ पदाधिकारियों ने कहा कि बार-बार ज्ञापन, पत्राचार एवं संवाद के प्रयासों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आज तक कोई ठोस, लिखित एवं समयबद्ध समाधान प्रस्तुत नहीं किया गया है. कर्मचारियों का कहना है कि जब तक लंबित वेतन एवं सेवा-लाभों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
संघ ने दोहराया कि यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं संवैधानिक अधिकारों के अंतर्गत किया जा रहा है. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि पाँच दिवसीय आंदोलन की अवधि में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.

