मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
राजनांदगांव- महतारी वंदन योजना को लेकर प्रदेशभर में अव्यवस्था और लापरवाही का प्रतीक बन चुकी है. योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये देने के वादे के बावजूद विधवा, वृद्ध एवं जरूरतमंद महिलाओं को बीते कई महीनों से केवल 500 रुपये ही मिलने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं युवा नेता एवं पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री के नेतृत्व में नगर निगम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. नवंबर माह से लंबित अंतर राशि का भुगतान न होना सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावों की सच्चाई उजागर करता है.

इस दौरान महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे बार-बार कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा. ज्ञापन सौंपते समय नगर निगम ईई, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि तथा निगम के संबंधित शाखा अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. अधिकारियों के समक्ष महिलाओं ने लंबित अंतर राशि के तत्काल भुगतान और नवविवाहित महिलाओं के लिए बंद पड़े पोर्टल को तुरंत शुरू करने की मांग रखी.
पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि जब महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की है, तो केंद्र पर जिम्मेदारी डालकर महिलाओं को भ्रमित करना पूरी तरह गलत है. यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान के साथ सीधा खिलवाड़ है. उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण की बातें तो करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत में महिलाओं को अपमान और परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं.
युवा नेता जय जायसवाल एवं संदीप डहरे ने कहा कि यदि 7 दिवस के भीतर महतारी वंदन योजना की लंबित अंतर राशि का भुगतान नहीं किया गया और बंद पोर्टल को नहीं खोला गया, तो महिलाएं उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी.
