भिलाई इस्पात संयंत्र के आवासीय क्षेत्र में पी.पी. एक्ट की कार्रवाई, पूर्व कर्मियों ने कलेक्टर जनदर्शन में की शिकायत
दुर्ग – भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के आवासीय क्षेत्र में पी.पी. एक्ट के माध्यम से की जा रही प्रबंधन की कार्रवाई को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है. इस संबंध में आज सृजन समिति भिलाई नगर द्वारा बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारियों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुचंकर जिला कलेक्टर दुर्ग को शिकायत सौंपते हुए मामले में संज्ञान लेने की मांग की गई है.
ज्ञापन में बताया गया है कि टाउनशिप के विभिन्न सेक्टरों में निवासरत सभी लोग संयंत्र के पूर्व कर्मचारी हैं. रिटेंशन स्कीम का मूल उद्देश्य सेल बोर्ड की 340वीं बैठक में हाउस-लीज योजना के पुनः क्रियान्वयन में हो रही देरी को ध्यान में रखते हुए पात्र पूर्व कर्मियों को अस्थायी रूप से उनके वर्तमान आवास में 32 गुना पैनल रेट पर निवास की अनुमति देना था.
समिति का आरोप है कि वर्तमान में अचानक इस योजना में रह रहे पूर्व कर्मियों पर 24 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से किराया अधिरोपित कर दिया गया है, जो अत्यंत अमानवीय और तर्कसंगत नहीं है. ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के हस्तक्षेप के बाद 24 दिसंबर 2025 को प्रबंधन व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें किसी भी प्रकार की बेदखली कार्रवाई पर निष्कर्ष निकलने तक रोक लगाने पर सहमति बनी थी. इसके बावजूद नगर सेवाएं विभाग द्वारा नोटिस जारी कर पूर्व कर्मियों और उनके परिवारों में भय का माहौल बनाया जा रहा है. सृजन समिति ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पी.पी. एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और पूर्व कर्मियों को न्याय दिलाया जाए.
इस दौरान अध्यक्ष राजेन्द्र परगनिहा, उपाध्यक्ष प्रकाशचन्द्र शर्मा, महासचिव पी.आर. वर्मा, कोषाध्यक्ष बी.पी.राजपूत, राजेन्द्र कुमार शर्मा, शारदा रामटेके, टीकमलाल वर्मा, गजानन्द चौधरी, रमेश कुमार पाल, शंकरलाल साहू,के.आर.साहू, रामेश्वर साहू समेत अन्य उपस्थित थे.

