बालोद : बालोद जिले के नगर पंचायत गुरूर की अध्यक्ष टिकेश्वरी साहू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 5 के मुकाबले 10 मतों से सोमवार को पारित हो गया. लगभग 2 घंटे तक कड़ी सुरक्षा के बीच यहां पर मतदान संपन्न हुआ और अंतरिम परिणाम के रूप में नगर पंचायत अध्यक्ष टिकेश्वरी साहू के अविश्वास मत के पक्ष में 10 वोट मिले. वहीं अविश्वास मत के खिलाफ 5 वोट.

इस तरह 10 और 5 का वोट प्रतिशत रहा और नगर पंचायत अध्यक्ष विश्वास मत पाने में असफल रहीं. अविश्वास प्रस्ताव के बाद टिकेश्वरी साहू ने पूर्व विधायक एवं विधायक संगीता सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव राजनैतिक षड्यंत्र है और ये साजिश संजारी बालोद के पूर्व एवं वर्तमान विधायक द्वारा लगाया गया है. मेरी लड़ाई विकास कार्यों को लेकर थी.
मेरे ऊपर लगातार दबाव बनाया गया, मुझे प्रताड़ित किया गया. उन्होंने विधायक संगीता सिन्हा को लेकर कहा कि वे खुद महिला होकर दूसरी महिला को प्रताड़ित करती हैं, जो सही नहीं है. टिकेश्वरी साहू ने कहा कि जब से मैं नगर पंचायत की अध्यक्ष बनी हूं, तब से मुझे परेशान किया गया है.
अध्यक्ष टिकेश्वरी साहू को कुर्सी बचाने के लिए 6 वोट चाहिए थे, लेकिन उन्हें 5 ही वोट मिले. पीठासीन अधिकारी एसडीएम जीडी वाहिले, सीएमओ हितेंद्र यादव ने प्रक्रिया पूरी कराई. अध्यक्ष पद पर टिकेश्वरी केवल 3 साल तक ही टिक पाईं. बता दें कि टिकेश्वरी साहू को लगभग एक महीने पहले कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है.
ये था पूरा मामला
गुरूर नगर पंचायत के एक तिहाई से ज्यादा पार्षदों ने 9 फरवरी 2022 को कलेक्टर को पत्र लिखकर नगर पंचायत अध्यक्ष टिकेश्वर साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए बैठक बुलाने की मांग की थी. जिस पर कलेक्टर ने जांच समिति बनाई और लगाए गए आरोपों की जांच के निर्देश दिए थे. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोपों को सही बताया था. इसके बाद कलेक्टर ने 25 फरवरी 2022 को अविश्वास प्रस्ताव के लिए आदेश पारित कर दिया था.
कलेक्टर ने पार्षदों की बैठक के लिए 11 मार्च 2022 की तिथि तय की थी, लेकिन नगर पंचायत अध्यक्ष टिकेश्वरी साहू ने इसके खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस पर रोक की मांग की थी. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कलेक्टर द्वारा जारी अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट के फैसले को लेकर विरोधी पार्षदों ने याचिका दायर की. इनका केस वकील प्रतीक शर्मा लड़ रहे थे.
उन्होंने नगरपालिक अधिनियम में दिए गए प्रावधान का हवाला देते हुए कहा कि नगर पंचायत अध्यक्ष टिकेश्वरी साहू की याचिका खारिज करने योग्य है. मामले की सुनवाई जस्टिस पी. सैम कोशी की सिंगल बेंच में हुई थी. हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर को अध्यक्ष टिकेश्वरी साहू की रिट याचिका को खारिज कर दिया था. साथ ही अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर लगाई गई रोक के आदेश को भी रद्द कर दिया था.
