किसान भाई फसल बीमा का लाभ उठाएं, क्षति होने पर तत्काल टोल फ्री नंबर पर करें सूचना

धमतरी- जिले में मौसम में आए अचानक बदलाव को देखते हुए असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की गई है. ऐसे में कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे फसल कटाई का कार्य मौसम की स्थिति को देखते हुए ही करें. खेतों में कटाई के बाद रखे गए धान के करपा को सुरक्षित स्थान पर (मेड़ों पर या खरही जमाकर) रखें, ताकि वर्षा के पानी से होने वाले नुकसान से बचा जा सके.
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धान की खड़ी फसल में अत्यधिक वर्षा से होने वाली क्षति बीमा कवरेज के अंतर्गत नहीं आती, परंतु कटाई उपरांत रखी फसल 14 दिनों तक फसल बीमा के दायरे में आती है.
यदि किसी किसान की फसल कटाई के बाद असामयिक वर्षा या ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त होती है, तो किसान भाई बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 या 14447 पर क्षति होने के 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें.
इसके साथ ही किसान संबंधित कृषि या राजस्व विभाग के मैदानी अमले तथा बैंक शाखा को भी लिखित में सूचना दें, ताकि खेतों का मौके पर निरीक्षण कर नुकसान का सही आकलन किया जा सके और शासन के प्रावधानों के अनुसार बीमा क्षतिपूर्ति की कार्यवाही समय पर की जा सके.
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि किसान फसल बीमा योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और समय पर जानकारी देकर अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित रखें.
किसानों को सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग द्वारा जिले में आगामी दिनों में असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की गई है. ऐसी स्थिति में खेतों में रखे गए कटाई उपरांत धान की करपा को जलभराव से नुकसान होने की आशंका बनी रहती है. इसको दृष्टिगत रखते हुए कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी उपज की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतें.
कृषि विभाग ने बताया कि किसान भाई मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही फसल कटाई का कार्य करें. कटाई उपरांत धान की करपा को खेत के मेड़ों पर या खरही बनाकर सुरक्षित स्थान पर रखें, जिससे वर्षा के पानी से फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके. साथ ही यह भी अवगत कराया गया है कि धान की खड़ी फसल को अत्यधिक वर्षा से होने वाला नुकसान बीमा आवरण में सम्मिलित नहीं है, अतः किसान फसल की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें.
यदि किसी किसान की कटाई उपरांत रखी गई फसल असामयिक वर्षा या ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त होती है, तो किसान को बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर क्षति होने के 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से सूचना देनी होगी. साथ ही संबंधित कृषि या राजस्व विभाग के मैदानी अमले एवं बैंक शाखा को भी लिखित सूचना देना आवश्यक है, ताकि क्षति का मौके पर मूल्यांकन कर शासन के प्रावधानों के अनुरूप समय पर बीमा दावा प्रक्रिया पूरी की जा सके.
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में घबराएँ नहीं, बल्कि सावधानी और सतर्कता के साथ अपनी फसलों की सुरक्षा करें एवं आवश्यक सूचना निर्धारित समय में उपलब्ध कराकर बीमा सुरक्षा का लाभ प्राप्त करें.
