दिनदहाड़े कांग्रेस नेता के ऑफिस में ताबड़तोड़ फायरिंग: दो लोग घायल, पीसीसी चीफ बैजे बोले- छत्तीसगढ़ में अब ‘बंदूक का राज’ चल रहा

बिलासपुर- जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में मंगलवार की शाम जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह के निजी ऑफिस में कुछ नकाबपोश हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. घटना शाम करीब 5:45 बजे की बताया जा रहा है. ताबड़तोड़ फायरिंग से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है.
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की शाम नितेश सिंह, तमेश सिंह, टुकेश सिंह, फेकू सिंह, बबला सिंह, संतोष राठौर, प्रमोद शर्मा और कल्लू यादव के साथ ऑफिस के बाहर बैठे हुए थे. तभी अचानक 2 बाइक में सवार चार अज्ञात नकाबपोश आरोपी वहां पहुंचे. बताया जा रहा है कि दोनों बाईकों में सवार 4 आरोपियों में पीछे बैठे वाले आरोपियों ने ऑफिस के बाहर पहुँचते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावरों ने करीब 10-12 राउंड गोलियां चलाईं. वही गोली लगने से नितेश सिंह के रिश्तेदार चंद्रकांत सिंह ठाकुर और कर्मचारी राजू ठाकुर घायल हो गए. दोनों लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़े. घटना के तुरंत बाद मौजूद लोगों ने घायलों को मस्तूरी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल बिलासपुर रेफर किया गया.
अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस बीच सभी आरोपी मौके से भाग निकले. मस्तूरी थाना पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा. क्षेत्र में तुरंत नाकेबंदी कर दी गई और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया. वहीं, फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल से खोखे और अन्य सबूत इकट्ठे किए हैं. पुलिस फिलहाल इस हमले को पुरानी रंजिश या राजनीतिक विवाद से जोड़कर देख रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा गया है. घटना की सूचना मिलते ही एएसपी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची. आसपास के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है और संभावित रास्तों पर चेकिंग की जारी है.
बिलासपुर में मस्तूरी गोलीकांड की यह वारदात को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मस्तूरी में कांग्रेस नेता नितेश सिंह पर दिनदहाड़े हुई गोलीबारी ने साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ में अब ‘बंदूक का राज’ चल रहा है. नकाबधार हमलावरों ने सरकार के गाल पर तमाचा मारते हुए 10-12 राउंड फायरिंग किया गया. सवाल सीधा है: क्या विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने की इजाज़त सरकार ने दे रखी है? जब जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कैसे सोचे कि वह सुरक्षित है? जनता दहशत में है, न्याय लापता है, और सत्ता केवल बयान गढ़ रही है. भाजपा के राज में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, और सरकार उनकी सुरक्षा कर रही है.
