कबड्डी में भिलाई और रस्साकसी में खम्हरिया टीम बनी विजेता

उतई/दुर्ग:- मेरा युवा भारत दुर्ग, छग युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशन में शौर्य युवा संगठन द्वारा दुर्ग ब्लॉक अंतर्गत आदर्श ग्राम कोड़िया में बीते रविवार को विकासखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता सम्पन्न हुआ जिसमें दुर्ग विकासखंड के अंतर्गत विभिन्न ग्राम के 15 से 29 वर्ष के युवा प्रतिभागी और टीम सम्मिलित हुए.
कार्यक्रम में मुख्य अथिति छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण व ओबीसी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष व विधायक ललित चंद्राकर, अध्यक्षता शौर्य युवा संगठन अध्यक्ष फलेंद्र पटेल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में माय भारत दुर्ग छग उपनिदेशक नितिन शर्मा, सरपंच खुमान निषाद, उपसरपंच कुलेश्वर निर्मलकर, कातरो सरपंच जितेंद्र सोनी, सांसद प्रतिनिधि दिनेश दीपक, शापुमाशा गोरकापार हेडमास्टर खुमान सिंह भारद्वाज, शाप्रावि कोकड़ी हेडमास्टर संदीप यादव, शाप्रावि कोड़िया हेडमास्टर व संकुल समन्वयक छगन लाल गेन्द्रे, शापुमाशा धीरी शिक्षक लक्ष्मीनारायण साहू, शापुमाशा खुरसुल शिक्षक देवेंद्र निषाद, भूतपूर्व सरपंच नीलम निषाद, हरिभूमि पत्रकार व प्रेस क्लब उतई अध्यक्ष लेखराम सोनवानी, श्रमबिन्दु पत्रकार देवेंद्र पटेल, शिक्षाविद जेपी दीपक, गायत्री परिवार ट्रस्ट कोड़िया प्रमुख उमेश साहू सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए.

गोला फेंक में गुलशन साहू, हिमांशु टंडन, विनय कुमार, तवा फेंक में रंजना कुर्रे, कविता देशलहरे, लीना ठाकुर, 100मीटर दौड़ पुरुष वर्ग में नवीन यदु, विनय कुमार, झम्मन यादव, महिला वर्ग में छविता दिल्लीवार, किरण यादव, कविता देशलहरे ने क्रमशः प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया. वहीं समूह खेल कबड्डी में भिलाई ने प्रथम व बाल किशोर दल भानपुरी द्वितीय एवं रस्साकसी में खम्हरिया प्रथम व हनोदा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया. सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल प्रदान किया गया. साथ ही कबड्डी व रस्साकसी के प्रथम विजेताओं को स्पोर्ट्स किट प्रदान किया गया.
खेल को सम्पन्न कराने में सेजस भिलाई 3 पीटीआई यीतेश कुमार साहू, पीमश्री सेजस बालाजी नगर भिलाई पीटीआई राघवेन्द्र प्रताप सिंह, शाउमावि अभनपुर रायपुर पीटीआई विनय जनबन्धु, सेजस फरीदनगर भिलाई पीटीआई बालकदास डहरे, अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स खिलाड़ी व राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त बी आर साहू ने निर्णायक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
सरकार खेलों के प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध : ललित चंद्राकर
विधायक ललित चंद्राकर ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो युवाओं में अनुशासन, संघर्षशीलता और टीम भावना का विकास करते हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं, जो गौरव का विषय है. विधायक चंद्राकर ने सरकार द्वारा खेलों के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर स्तर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी प्रतिभागियों को निरंतर अभ्यास और समर्पण से आगे बढ़ने का संदेश दिया. साथ ही एक पेड़ मां के नाम लगाने अपील भी की.

गांव में खेल संस्कृति को मजबूत करना प्राथमिक लक्ष्य : सरपंच खुमान निषाद
सरपंच खुमान निषाद ने कार्यक्रम की सफलता के लिए शौर्य संगठन को बधाई देते हुए कहा ग्रामीण क्षेत्रों में अपार खेल प्रतिभा मौजूद है, बस उन्हें सही दिशा और संसाधनों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर सुविधायुक्त खेल मैदान तैयार करने की योजना है, ताकि खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास का अवसर मिले. सरपंच निषाद ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, एकता और स्वस्थ जीवन की राह दिखाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत के सहयोग से खेल सामग्री उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित करने की पहल की जाएगी. उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ें और गांव, विकासखंड व जिले का नाम रोशन करें.
खेल मैदान से भी लिखी जा रही सफलता की कहानी: खुमान भारद्वाज
खुमान सिंह भारद्वाज ने पुरानी कहावत को याद करते हुए कहा पहले खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब, पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब कहा जाता था लेकिन आज की नई सोच कहती है पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब और खेलोगे कूदोगे तो भी बनोगे नवाब. क्योंकि अब खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि करियर, सम्मान और राष्ट्र गौरव का माध्यम बन चुके हैं. आज के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा से देश-विदेश में नाम कमा रहे हैं. शिक्षा और खेल का संतुलन ही सफलता की सच्ची पहचान है. युवाओं को चाहिए कि वे खेल और शिक्षा दोनों को जीवन का हिस्सा बनाएं, क्योंकि जो मैदान में संघर्ष करना जानता है, वही जीवन में हर मंज़िल हासिल करता है.
शिक्षक लक्ष्मीनारायण साहू ने कहा जो मैदान में संघर्ष करना सीखता है, वही जीवन में हर मंज़िल हासिल करता है. खेल व्यक्ति में नेतृत्व, आत्मविश्वास और धैर्य जैसी खूबियों को जन्म देते हैं. युवाओं को खेलों को जीवन का हिस्सा बनाकर आगे बढ़ना चाहिए.
प्रधानपाठक संदीप यादव ने खेल का महत्व बताते हुए कहा प्रतियोगिताएं केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारा और एकता की भावना को भी सशक्त करती हैं. ऐसे आयोजन युवाओं को एकजुट कर सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्द्र का वातावरण बनाते हैं.
शिक्षक देवेंद्र निषाद ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा शौर्य युवा संगठन द्वारा लगातार एक से बढ़कर सराहनीय पहल की जाती है. इस आयोजन ने साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी उचित मंच मिलने पर हर क्षेत्र में अपनी क्षमता दिखा सकते हैं. आयोजन समिति ने अनुशासन, समयबद्धता और उत्कृष्ट खेल भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया है.
कार्यक्रम का संचालन शौर्य संगठन सचिव आदित्य भारद्वाज ने किया. कार्यक्रम की सफलता में शौर्य संगठन कोषाध्यक्ष रवि साहू, सलाहकार जितेंद्र दीपक, पंकज साहू, छगन साहू, खिलेंद्र पटेल, आंनद निषाद, अंजू साहू, ममता साहू, जामिन यादव, पूर्णिमा साहू, सुमित्रा यादव, स्वास्थ्य विभाग से आरएमए अनिता पटेल, सीएचओ ओमेश्वरी साहू, फार्मासिस्ट लक्ष्मी शर्मा, आरएचओ मंजू चंद्राकर व नवीन बंछोर, मितानिन दमयंतीन साहू, पुलिस थाना उतई, संकल्प स्पोर्ट्स एन्ड कल्चरल एसोसिएशन खम्हरिया एवं शौर्य युवा संगठन कोड़िया के सदस्यों का विशेष योगदान रहा.
