शराब के नशे में स्कूल पहुंची महिला प्रधान पाठक, कांग्रेस ने पोस्ट कर कसा तंज, बोले- क्या यही है भाजपा का ‘सुशासन’?

जांजगीर-चांपा- छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही है. अब शिक्षक तो क्या शिक्षिकाएं भी नशे पहुंच रही हैं. मामला जांजगीर-चांपा जिले का है यहां शासकीय प्राथमिक शाला लेवई में महिला प्रधान पाठक शराब के नशे में टेबल पर पैर तान कर सोती दिखी. मामला मीडिया में आने के बाद कलेक्टर ने महिला प्रधान पाठक को सस्पेंड कर बीईओं और बीआरसी को नोटिस जारी किया गया है.
जांजगीर जिले के अकलतरा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला लेवई स्कूल में महिला प्रधान पाठक हीरा पोर्ते पदस्थ है. 19 सितम्बर वह नशे की हालत में विद्यालय में उपस्थित थीं. इस दौरान वह स्कूल में टेबल पर पैर रखकर सोती मिली, वहीं स्कूल के बच्चे मध्यान्ह भोजन करने के बाद बगैर किसी अध्यापन कार्य के ही घर चले गये. मीडिया के जरिये जब ये मामला सामने आया, तब शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. जांजगीर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तत्काल इस मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिये. जांच में सामने आया कि स्कूल की प्रधान पाठक हीरा पोर्ते 19 सितम्बर को नशे की हालत में विद्यालय में उपस्थित थीं. जांच रिपोर्ट में मिले इस गंभीर कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन मानते प्रधान पाठक हीरा पोर्ते पर तत्काल एक्शन लिया गया. कलेक्टर के निर्देश पर महिला प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं कलेक्टर ने मॉनिटरिंग में लापरवाही के लिए संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलौदा और बीआरसी बलौदा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं.

वहीं मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि साय सरकार नशे के धंधों में मस्त है और सरकारी शिक्षक नशे में ड्यूटी कर रहे हैं. भाजपा के राज में शराबखोरी अपने चरम पर है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार जहाँ एक ओर स्कूलों को बंद कर रहे हैं, किताबें और सुविधाएं नहीं दे रहें हैं वहीं हकीकत यह है कि कभी पुलिस वाले ड्यूटी में नशे में पकड़े जाते हैं, कभी शिक्षक… और अब तो पहली बार महिला प्रधान पाठक भी शराब के नशे में स्कूल में पहुँच गईं.
क्या यही है भाजपा का ‘सुशासन’?
जहाँ स्कूल बंद हो रहे हैं, बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है और अधिकारी-कर्मचारी शराब के नशे में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं!
सवाल साफ है – आखिर इस सरकार की प्राथमिकता क्या है शराब या शिक्षा? भाजपा राज में नशे की गिरफ्त से अब तक कोई बचा नहीं…

