वनमंत्री केदार कश्यप पर कर्मचारी ने लगाया मारपीट और गाली-गलौज का आरोप, कांग्रेस ने बीजेपी को जमकर घेरा

बस्तर- छत्तीसगढ़ के वनमंत्री केदार कश्यप पर मारपीट और गाली देने के आरोप लगे हैं. आरोप है कि लकवाग्रस्त कर्मचारी के साथ उन्होंने मारपीट की है. पीड़िता खितेन्द्र पांडेय खुद इस बात को मीडिया के सामने आकर कह रहा है और एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा है. जानकारी के अनुसार, पूरा मामला जगदलपुर के सर्किट हाउस में शनिवार की शाम का है. पीड़ित कर्मचारी खितेन्द्र पांडेय ने बताया कि-मैं जगदलपुर के सर्किट हाउस में 20 सालों से नौकरी कर रहा हूं. मैं नाश्ता बना रहा था, तब मुझे मंत्री केदार कश्यप के पीएसओ बुलाकर ले गए और कहा कि मंत्री जी बुला रहे हैं. मैं जब गया तो मंत्री केदार ने मुझसे कहा कि तुमने कमरा क्यों नहीं खोला? ऐसा कहते हुए गाली-गलौच करने लगे जूता उठाए, कॉलर पकड़कर कमरे के अंदर ले जाकर बहुत पिटाई की. इस मारपीट में मुझे चोट भी आई है.
https://www.facebook.com/share/r/1DHc6gDFMd/
इस पूरी घटना के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस मामले में बीजेपी को जमकर घेरा है. कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि सर्किट हाउस के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ मंत्री केदार कश्यप के द्वारा की गई मारपीट बेहद निंदनीय है. भाजपाई सत्ता धीश खुद को खुदा समझने लगे हैं. ऐसे मंत्री को पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. मुख्यमंत्री केदार कश्यप से इस्तीफा ले उनके खिलाफ FIR दर्ज किया जाए.
https://x.com/DeepakBaijINC/status/1964595676568011108
कांग्रेस ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर कहा कि रेस्ट हाउस मार पीट मामले में पीड़ित खितेंद्र पांडे ने मंत्री केदार कश्यप के खिलाफ़ थाने में लिखित शिकायत की हैं. घटना के बाद विभिन्न तरीकों से पीड़ित और उनके परिवार के ऊपर दबाव डालने की कोशिश की गई पर फिर भी हिम्मत कर उन्होंने पुलिस की सहायता मांगी है.
https://x.com/bhupeshbaghel/status/1964394209684668916
अब देखना ये है कि विष्णुदेव सरकार और भाजपा जो मां के सम्मान और महतारी वंदन की बातें करती है वो इस मार पीट, बर्बरता, और मां के अपमान को लेकर अपने मंत्री पर क्या कार्यवाही करते हैं
छत्तीसगढ़ पुलिस पर भी सवाल है कि क्या इस प्रदेश में पुलिस इतनी स्वतंत्र और मजबूत है कि एक आम गरीब कर्मचारी को न्याय दिलाने के लिए अपनी ताकत दिखाए
हमारी मांग है सभी उपयुक्त धाराओं में मंत्री केदार कश्यप पर FIR हो और मामले की स्वतंत्र जांच हो और नैतिकता के तौर पर केदार कश्यप अपने पद पर इस्तीफ़ा दें.
इस मामले पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हमारे देवतुल्य कार्यकर्ताओं का अपमान किसी भी स्थिति और परिस्थिति में मेरे लिये सहनीय नहीं है. कांग्रेस मुद्दा विहीन है. केवल भ्रामक प्रचार करने का काम कांग्रेस के पास बच गया है. जिस तरह की घटना की बात कहीं जा रही है ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है.
