अंततः भारत सरकार “ऑनलाइन गेमिंग एवं बैटिंग” को लेकर ले रही रुचि , पूर्व CM भूपेश बघेल का X पर पोस्ट, लिखा-‘सट्टा’ से ‘सत्ता’!

रायपुर- ऑनलाइन गेम की लत के कारण आज ज्यादातर बच्चे अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और नैतिक मूल्यों से दूर हो रहे थे. यह प्रवृत्ति न केवल परिवारों को बल्कि पूरे समाज को गलत दिशा में ले जा रही थी. ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर लगाम लगाने और ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने Promotion & Regulation of Online Gaming Bill, 2025 संसद में पेश किया. यह बिल दोनों सदनों से पास हो चुका और इसे कानून बनने के लिए अब राष्ट्रपति से मंजूरी की जरूरत है.
ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण के लिए संसद में पारित बिल को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि ‘सट्टा’ से ‘सत्ता’! सबसे पहले तो मैं इस बात का स्वागत करता हूँ कि अंततः भारत सरकार “ऑनलाइन गेमिंग एवं बैटिंग” को लेकर रुचि ले रही है और इसे रोकने का कदम उठा रही है. छत्तीसगढ़ में तो ऑनलाइन सट्टा को रोकने के लिए हमारी सरकार ने दिसम्बर 2022 में ही विधानसभा में, पहले से चले आ रहे जुआ एक्ट में संशोधन कर इस पर नकेल कसी थी. उसके बाद 1 दिसंबर 2023 को मैंने माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर ऑनलाइन बैटिंग और अवैध सट्टा पर रोक लगाने का अनुरोध किया था.
आगे लिखा कि केंद्र सरकार को काफ़ी देर लगी. लेकिन अब भाजपा सरकार को इन सवालों के जवाब देने चाहिए.
- क्या अब तक ऑनलाइन बैटिंग केंद्र सरकार की मर्जी से ही चल रही थी? 2. इसका मतलब आप देश के युवाओं को इस सट्टेबाजी में धकेल रहे थे? 3. क्या गेमिंग कंपनियों से इलेक्टॉरल बॉण्ड के रूप में भाजपा द्वारा चंदा लेकर इन्हें बढ़ावा दिया जा रहा था? 4. यही कंपनियाँ भारतीय क्रिकेट टीम की प्रायोजक थीं, जिसके ज़िम्मेदार पद पर गृहमंत्री जी के सुपुत्र बैठे हैं आशा है, ऑनलाइन बैटिंग को रोकने के लिए लाए गए कानून के पीछे भाजपा की मंशा इन कंपनियों को ब्लैकमेल कर चंदा वसूलने और अवैध सट्टा को संरक्षण देने की नहीं होगी और देश में हर प्रकार की ऑनलाइन बैटिंग और अवैध सट्टे पर रोक लगेगी.
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