प्रशासन की अनदेखी से बदतर अवस्था को झेल रहा आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल- पिल्ले

राजनांदगांव – शहर के विद्यार्थियों को अंग्रेजी मीडियम की अच्छी शिक्षा देने के लिए संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूल इन दिनों अपनी बदतर अवस्था को झेल रहा है. विभिन्न समस्याओं को समेटे इस स्कूल के संबंध में बार बार शिकायत मिलने पर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने आत्मानंद स्कूल जा कर मौका मुआयना की तो पाया कि यह स्कूल कम कुड़े- कचरे का ढेर ज्यादा लग रहा है. स्कूल में सफाई कर्मी नहीं होने से हर जगह कचरे का अंबार, स्कूल के दीवारो के जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ा होना, बिजली के तार बेतरतीब ढ़ंग से फैले होना व कही- कहीं तो बिजली के तार खुले होने से यहां के विद्यार्थियों को करंट लगने का खतरा बना हुआ है.
श्री पिल्ले ने कहा कि लाइट नहीं होने से यहां अंधेरे का साम्राज्य है. स्कूल में साफ़ – सफाई का अभाव जहां – तहां देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल होकर भी यहां इंग्लिश के शिक्षक नहीं है. विद्यार्थी बगैर इंग्लैंड टीचर के पढ़ाई कर रहे हैं और परीक्षा दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के समय स्वामी आत्मानंद स्कूल का शिक्षा जगत में अच्छा क्रेज बना हुआ है. सभी पालक अपने बच्चों को स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ाने में गर्व महसूस करते थे लेकिन भाजपा सरकार आते ही आत्मानंद स्कूल के क्रैज को मटियामेट कर दिया.
धूल खाते पड़ा हुआ है दानवीर राजाओं के तैलचित्र
श्री पिल्ले बताया कि शहर के बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए अपने भवन को दान में देने वाले संस्कार धानी नगरी के दानवीर राजा महंत सर्वेश्वरदास व राजा दिग्विजय दास के तैलचित्र मे जाले पड़े हुए धूल खाते हुए डाल दिया गया है. श्री पिल्ले द्वारा स्कूल के प्राचार्य पंकज शुक्ला से आत्मानंद स्कूल की उपरोक्त समस्याओं के संबंध में पूछे जाने पर बताया कि इस संबंध में कलेक्टर, निगम आयुक्त शिक्षा विभाग सभी के ध्यान में लाया जा चुका है इसके बाद भी इस इंग्लिश मीडियम स्कूल की कोई सुध नहीं ली जा रही है. बहर हाल बेहतर शिक्षा के लिए संचालित किया जा रहा शहर का यह इंग्लिश मीडियम वाला स्वामी आत्मानंद स्कूल देखरेख की अभाव में प्रशासन की लापरवाही की भेंट चढ़ गया है.
