DSP को अंतरजातीय विवाह करना पड़ा महंगा, समाज ने परिवार को सामाजिक रूप से किया बहिष्कृत
बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में डीएसपी (DSP) के पद पर पदस्थ एक अफसर और उनके परिवार को समाजिक बहिष्कार का दंश झेलना पड़ रहा है. आरोप है कि डीएसपी डॉ मेखलेंद्र प्रताप सिंह ने अंतरजातीय विवाह किया, जो कि समाज के नियमों का उल्लंघन है. इस मामले में समाज के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों पर उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोटा थाना में पुलिस ने केस दर्ज किया है.
मिली जानकारी के अनुसार, डीएसपी डॉ. मेखलेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में सरगुजा संभाग में DSP के पद पर कार्यरत हैं और सकरी आसमा सिटी में रहते हैं. डीएसपी मूलरूप से बिलासपुर के कोंटा थाना क्षेत्र के नुनेरा गांव के निवासी हैं. डीएसपी डॉ. मेखलेंद्र प्रताप सिंह ने सरगुजा के नान दमाली की एक युवती से अंतरजातीय विवाह किया, जिसे सतगढ़ तंवर समाज ने अपने नियमों के खिलाफ माना. समाज ने इसके बाद एक बैठक बुलाकर डॉ. सिंह और उनके परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने का फैसला लिया.
FIR दर्ज
कोटा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर समाज के पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पुलिस ने शिकायत पर वीरेंद्र कुमार सिंह, श्रवण सिंह, धर्मेंद्र व अन्य के खिलाफ धारा 7,2,296,3,5,351,2 बीएनएस के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बताया कि उत्पीड़न और धमकी के आरोपों की गहन जांच की जा रही है.
