छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : खाद संकट पर सदन में भारी हंगामा, विपक्ष गर्भगृह में धरने पर बैठा, लगाए नारे

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन खाद संकट पर विपक्ष ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम को घेरा. कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने सदन ने प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में डीएपी खाद की कमी का मुद्दा उठाया.
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रश्न के जवाब में कहा कि भारत सरकार से लगातार संपर्क में है, किसी तरह की कोई कमी खाद की नहीं हो इस पर नजर है, डीएपी की जहां कमी थी वहां दूसरे खाद को प्रमोट कर रहे हैं, डीएपी नैनो को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं. बहुत से रैक प्वाइंट पर खाद पहुंचने वाला है. 20 जुलाई तक 18850 मैट्रिक टन खाद यानि कुल 24 रैक अभी मिलने वाला है, जिसमें एनपीके और डीएपी खाद भी रहेगा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा कि डीएपी की कालाबाजारी क्यों हो रही है? इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अभी तक 1 लाख 72 हजार मैट्रिक टन डीएपी आ गया है, 18 हजार मैट्रिक टन अगले 5 दिन में और आ जाएगा, कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी.
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दल के सदस्यों ने पहले गर्भगृह में पहुंचकर ‘खाद की कालाबाजारी बंद करो’ जैसे नारे लगाए, इसके बाद सदन से वॉकआउट किया. विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी से नाराज स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने बीच में प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया. स्पीकर डॉ. रमन सिंह कहा कि प्रश्नकाल को बाधित करना बहुत ही गलत परंपरा है. आज जो कुछ हुआ 25 साल के इतिहास में नहीं हुआ. उन्होंने कहा- विपक्ष के सदस्यों ने निरंतर और असंसदीय व्यवहार किया है. बार- बार आग्रह करने के बाद भी छत्तीसगढ़ विधानसभा की 25 साल की परंपरा को ध्वस्त करने में ये लगे हुए हैं. डा. रमन ने कहा-यह नुकसान छत्तीसगढ़ का है, छत्तीसगढ़ की संसदीय परंपराओं का है. यहां की कार्यवाही पूरा देश देखता है कि, छत्तीसगढ़ ने क्या मापदंड स्थापित किए हैं. उस मापदंड की धज्जियां कैसे उड़ाई जा रही हैं, मेरे आग्रह के बाद भी आप समझने को तैयार नहीं हैं. मेरे द्वारा आग्रह करने के बाद विपक्षी सदस्य गर्भगृह में नारेबाजी करते रहे. यह बहुत ही दुःखद था.
