विधायक अजय चंद्राकर ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में नियुक्तियों पर किए सवाल

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र आज 14 जुलाई से शुरू हो गया है, जो 18 जुलाई 2025 तक चलेगी. मानसून सत्र के पहले ही दिन की कार्रवाई प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई. मानसून सत्र के दौरान सदन में राजस्व निरीक्षक विभागीय भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए. प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक राजेश मूणत द्वारा उठाए गए सवाल पर सदन का माहौल गरमा गया. वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में की गई नियुक्तियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में स्वीकार किया कि राजस्व निरीक्षक परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. उन्होंने बताया कि 5 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में ये गड़बड़ियाँ प्रमाणित हुई हैं और EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) को 40 बिंदुओं पर जांच सौंपी गई है.
जब भाजपा विधायक राजेश मूणत ने इस गड़बड़ी के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, तो विपक्ष ने तीखा विरोध दर्ज किया. कांग्रेस विधायकों ने ज़ोरदार नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले की CBI जांच की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा जनवरी 2024 में आयोजित हुई थी, जब भाजपा की सरकार थी, ऐसे में दोष कांग्रेस पर नहीं डाला जा सकता.
राजस्व निरीक्षक विभागीय भर्ती परीक्षा
सितंबर 2023 : विज्ञापन जारी
जनवरी 2024 : परीक्षा आयोजित
फरवरी 2024 : परिणाम घोषित
महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय भर्ती पर भी उठा सवाल
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विश्वविद्यालय में सेटअप अनुसार शैक्षणिक पदों की भर्ती, आरक्षण रोस्टर के पालन, और शिकायतों की स्थिति को लेकर प्रश्न पूछे. इसके जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि विश्वविद्यालय में 59 शैक्षणिक पदों के लिए प्राध्यापक (10), सह प्राध्यापक (19), और सहायक प्राध्यापक (30) की भर्ती हेतु 5 अक्टूबर 2023 को विज्ञापन जारी किया गया था. इनमें से 8 विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है.
अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि इस भर्ती में भारी अनियमितता की गई है. उन्होंने कहा कि, “54, 48,46, 42, वर्ष की आयु के अभ्यर्थियों का चयन कैसे किया गया, जबकि नियमों के अनुसार 40 वर्ष से अधिक आयु वालों की नियुक्ति नहीं की जा सकती?” उन्होंने सदन में मांग की कि सरकार तत्काल पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच की घोषणा करे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवाब देते हुए कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, और इसके संबंध में जांच समिति का गठन किया जा चुका है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कार्रवाई की जाएगी.
