पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और विधायक देवेंद्र ने इस घटना की निंदा की

रायपुर- रायपुर के सरकारी अस्पताल मेकाहारा में पत्रकारों के साथ मारपीट मामले में कांग्रेस ने सोशल मीडिया में पोस्टर जारी कर सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा, अस्पताल की पोल खुलने से बचाने गुंडों को तैनात किया गया है.
एक्स पर कांग्रेस ने लिखा कि प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल मेकाहारा हॉस्पिटल में बाउंसरों का कहर है. खस्ता हाल व्यवस्थाओं और लापरवाही को ठीक करने की बजाए भारी भुजाओं वाले गुंडे पाल लिए गए हैं, जो मीडिया कर्मियों के साथ मारपीट, बदतमीजी कर भीतर की पोल खुलने से बचाते हैं.

वहीं प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा, प्रदेश के सबसे बड़े और प्रख्यात सरकारी अस्पताल मेकाहारा में हुई अप्रिय और हिंसक घटना बहुत चौंकाने वाली और अत्यंत निन्दनीय है। सरकारी अस्पताल में बाउंसर के रूप में हिंसक और असामाजिक तत्वों का मौजूद होना और पत्रकारों के विरुद्ध प्रशासन की मौजूदगी में हिंसा और बदतमीजी करना प्रदेश की कानून व्यवस्था और पत्रकारिता की स्वतंत्रता का हाल साफ दिखाता है। सिंहदेव ने कहा, मैं प्रदेश के पत्रकार साथियों के साथ मजबूती से खड़ा हूं. उनकी सुरक्षा, रिपोर्ट और सवाल करने की स्वच्छंदता के लिए पूरी शक्ति के साथ आवाज उठाऊंगा.

इस मामले को लेकर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि यह सुशासन की नहीं गुंडागर्दी की सरकार है. भाजपा के इस डबल इंजन की सरकार में कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था का बुरा हाल है. लोकतंत्र का चौथे स्तंभ न्याय दिलाने के प्रतिक पत्रकारिता ही है हमारे पत्रकार भाइयों की आवाज दबाई जा रही है.
मामला
राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में पत्रकारों को चाकूबाजी से पीड़ित वर्ग की रिपोर्टिंग करने से रोका गया. अस्पताल में जब बाउंसर सप्लाई करने वाली एजेंसी का संचालक वसीम पिस्तौल लेकर अस्पताल पहुंचा तो विवाद बढ़ा. वसीम अपने 3 बाउंसर के साथ मिलकर पत्रकारों को धमकाने लगा. पुलिस की मौजूदगी में उसने महिला सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल के गेट से बाहर निकालकर पत्रकारों की ओर धकेलना शुरू किया. अस्पताल के गेट पर ही पुलिस ने रिपोर्टरों को रोका. सभी पत्रकार बाउंसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर विरोध प्रदर्शन करने लगे. लगभग 3 घंटे बीद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सभी पत्रकारों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर दिया.
