प्राचीन सभ्यता व शिलालेखों के संबंध में घर बैठे मिलेगी जानकारी

भिलाई- छत्तीसगढ़ राज्य हमेशा से ही अपनी जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है. ऐसा ही एक स्थान है महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर, जिसे प्राचीनकाल में श्रीपुर कहा जाता था. पौराणिक भूमि श्रीपुर में कई ऐसे देवस्थानों के अंश मिलते हैं जो कई सदियों पुराने माने जाते हैं. इन्हीं देवस्थानों में से एक है, सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर. इतिहास में दर्ज कई विनाशकारी आपदाओं को झेलने वाला यह मंदिर भारत का पहला लाल ईंटों से बना मंदिर है. साथ ही प्रेम की निशानी छत्तीसगढ़ के इस मंदिर को नारी के मौन प्रेम का साक्षी माना जाता है.
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जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की गुरूवार को बैठक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई. इस दौरान सिरपुर के विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की ऑनलाइन वेबसाइट का अनावरण महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने की. अब घर बैठे इस वेबसाइट के माध्यम से सिरपुर की विलक्षणताओं से इतिहास कार, वैज्ञानिक, वस्तुविद, पुरातत्वशास्त्री और अन्य अनुसंधान को देख और अध्ययन कर सकेंगे. इस ऑनलाइन वेबसाइट में यहां मिले पुरातत्व व पुराने शैल पत्थर, प्राचीन शिलालेख समेत खुदाई के दौरान मिले मूर्तियों को मंदिर परिसर में संजोकर रखे गए सभी का वेबसाइट से जानकारी हासिल कर सकते है.

सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि विश्व की सबसे प्राचीन और उन्नत सभ्यताओं में से एक महासमुंद के जिले की महानदी के तट पर स्थित सिरपुर में प्राचीन काल की सभ्यता को फिर से विश्व पटल पर प्रदर्शित करने यह वेबसाइट बनाई गई है. ताकि लोगों को यहां की प्राचीन सभ्यता व शिलालेखों के संबंध में जानकारी मिल सके.
सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण सीईओ राजेंद्र राव द्वारा यूनेस्को नॉमिनेशन के लिए किये जा रहे कार्यों और सिरपुर की अद्वितीय वैश्विक महत्ता से अवगत कराया गया.
इस मौके पर कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजू सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल जिला पंचायत व जनपद पंचायत, कलेक्टर विनय लंगेह के साथ जिला पंचायत के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे.
