10 नाबालिग लड़के गिरफ्तार

रायपुर- कुशालपुर थाना क्षेत्र अंतगर्त मेडिकल कांपलेक्स राजबंधा मैदान में क्रिकेट मैदान पर आपसी विवाद में हत्या कोशिश करने वाले 10 विधि से संघर्षरतबालकों को 24 घंटे में पुलिस ने गिरफ्तार किया. प्रार्थी टीकाराम पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराया की दिनांक 08.06.2024 को मेडिकल कांपलेक्स राजबंधा मैदान में था शाम लगभग 5:00 बजे के आसपास इसकी पुत्री कुमारी कुसुम पटेल ने फोन करके बताई की भाई आयुष उर्फ दादू घायल अवस्था में घर आया है बेहोश है जल्दी से घर आ जाओ यह सूचना पाकर घर पहुंचा इसकी पत्नी इंदू पटेल पुत्री कुमारी कुसुम पटेल तथा और भी लोग थे इसके पुत्र आयुष उर्फ दादू के सिर में चोट लगा था, खून को उल्टी कर रहा था, बात नहीं कर पा रहा था.
प्रार्थी तत्काल ऑटो में अपने बच्चों को लेकर मेकाहारा अस्पताल गया वहां डॉक्टर बोले कि एम्स अस्पताल का एरिया है वहां ले जाओ प्रार्थी अपने पुत्र को नवकार अस्पताल टैगोर नगर में भर्ती किया डॉक्टर ने बताया कि सर में अंदरूनी चोट है. खून जम गया है ऑपरेशन करना पड़ेगा प्रार्थी के पुत्र का रात में ही ऑपरेशन किया गया, व कोमा में है. 9 जून 2024 को प्रार्थी घर आया इसके पुत्र के दोस्त प्रकाश सोनी, प्रशांत पटेल, प्रवीण पटेल, गौरव निहाल ने बताया कि 7 जून 2024 के शाम को मोहल्ले के बच्चे क्रिकेट खेलने लाल गेट मलसाय तालाब के पास गए थे. वहां पर मैच खेल रहे थे तभी कुछ लड़के आकर पिच में कांच के सीसी फोड़ कर गड्ढा कर दिए मना किया तो हम लोग को हाथ थप्पड़ से मारपीट किए और देख लेने की धमकी दिए.
8 जून 2024 को पुनः मोहल्ले के बच्चो के साथ क्रिकेट खेलने जा रहे थे तभी 4:30 बजे बाबा किराया भंडार के सामने आम रोड कुशालपुर पहुंचे थे उसी समय वे लड़के अपने हाथ में स्टम, बैट,ट्यूब लाइट, साइकल का चैन,पकड़ कर आया और सभी मिलकर मां बहन की गंदी-गंदी गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देकर आज छोड़ना नहीं है कहकर मारपीट करने लगे आयुष को स्टम, बैट, राड, से मारपीट करके भाग गए. व प्रकाश के दोनों हाथ, दाया पैर, बाया सीना,कमर में प्रवीण पटेल के पेट में, गौरव निहाल के सिर के पीछे में चोट आई है सभी लड़के हत्या करने के नियत से प्रार्थी के पुत्र को गंभीर चोट पहुंचाया की रिपोर्ट पर थाना पुरानी बस्ती में अपराध पंजीबद्ध किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम गठित कर 24 घंटे के अंदर प्रकरण में संलिप्त 10 विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार कर बाल संप्रेक्षण गृह माना भेजा गया.
