बेमेतरा : जिले में पोर्न वीडियो की लत में एक नाबालिग लड़के ने 10 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की और उसके बाद उसे बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के लिए हत्या को खुदकुशी का रंग देने की कोशिश की और बच्ची के शव को फांसी पर लटका दिया. इस मामले में बालक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

26 नवंबर शनिवार को 10 साल की बच्ची की लाश घर के कमरे में फांसी के फंदे से लटकती हुई मिली थी. पुलिस को घटनास्थल देखकर ही ये अंदाजा हो गया था कि ये खुदकुशी नहीं, बल्कि हत्या है. दरअसल बच्ची की ऊंचाई करीब 4 फीट थी, जबकि बरामदे में जिस बांस के झूलना पर उसकी लाश लटक रही थी, उसकी ऊंचाई 5 फीट 10 इंच तक थी. फंदे पर लटकी बच्ची की दोनों हथेलियां खुली हुई थी. आमतौर पर जब कोई खुद से फांसी लगाता है, तो मुट्ठी बंद या उंगलियां मुड़ी रहती हैं. बस पुलिस उसी समय से हत्या के एंगल से जांच करने में जुट गई.
पड़ोसी लड़के ने अंजाम दिया घटना को
मामले को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में प्रकरण की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया. इसमें बेमेतरा एसडीओपी मनोज तिर्की, बेमेतरा थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज एवं साइबर सेल के स्टाल सम्मिलित रहे. टीम ने तुरन्त मौके पर पहुंचकर प्रकरण की विवेचना शुरू की. इस दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर, पुलिस को पड़ोस के एक लड़के पर शक हुआ. जिस पर पुलिस ने विधिक प्रावधानों का पालन करते हुए पूछताछ की. इसके बाद उसने गुनाह कबूल कर लिया.
अश्लील वीडियो देखकर किया बलात्कार
नाबालिग ने अपना गुनाह कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि वह मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने का आदी है. उस दिन पड़ोसी लड़की के घर में जाकर जोर-जबर्दस्ती कर दुराचार किया. बालिका के विरोध करने और पोल खुलने के डर से चुनरी से उसका नाक, मुंह दबा दिया. इससे बालिका बेसुध हो गई और उसी चुनरी से फांसी का फंदा बनाकर कपड़ा सुखाने वाले बांस पर टांग दिया. उसके बाद छत के रास्ते अपने घर चला गया. ताकि आत्महत्या बताया जा सके.
नाबालिग को भेजा गया बाल संप्रेक्षण गृह
विधि से संघर्षरत बालक द्वारा अपना जुर्म कबूल करने पर विधिवत न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. न्यायिक रिमांड मिलने पर बाल संप्रेक्षण गृह दुर्ग दाखिल कराया गया.
