छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले कबीरधाम में पुलिस ने शिक्षा को लेकर विशेष पहल की है. यहां के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बंदूक की आवाज नहीं, अब पढ़ाई की गूंज सुनाई देगी. जिला पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 300 विद्यार्थियों को ओपन स्कूल का फॉर्म भरवाया है, जो आने वाले दिनों में कक्षा 10वीं व 12वीं की परीक्षा में शामिल होंगे.

एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि शिक्षा सभी नागरिकों का मौलिक अधिकार है. आज भी सुदूर वनांचल क्षेत्र में जागरुकता की कमी और आर्थिक अभाव में नागरिक, विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं. शिक्षा से वंचित सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने और बच्चों को शिक्षित करने यह पहल किया जा रहा है. कबीरधाम पुलिस द्वारा बच्चों को कोंचिग के माध्यम से निःशुल्क शिक्षा भी दे रहे हैं.
इसके साथ ही बच्चों को पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध करा रहे हैं. नक्सल प्रभावित गांवों के 300 से अधिक युवा, जो स्कूल छोड़ चुके हैं. उन्हें ओपन स्कूल परीक्षा के लिए प्रेरित किया गया और उनका नामांकन कराया गया. पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान कठिनाईयों का सामना करना न पड़े इसके लिए घर से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए निःशुल्क वाहन की व्यवस्था किया गया.
350 से अधिक विद्यार्थी पास हुए
एसपी डॉ.अभिषेक पल्लव ने बताया कि पुलिस ने अति नक्सल प्रभावित गांवों के शिक्षा से वंचित युवाओं को जोड़कर मिशाल पेश की है. सामुदायिक पुलिस व जन विश्वास योजना को मूर्त रूप देते हुए क्षेत्र के कई बच्चे पांचवीं, 10वीं पास करने के बाद पांच-छह साल तक पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों के लिए कोचिंग की व्यवस्था कबीरधाम पुलिस ने की. ऐसे बच्चों के लिए किताब, पेन आदि उपलब्ध कराकर ओपन परीक्षा में बैठाया जा रहा है. वर्ष 2018 से 2023 तक 350 से अधिक विद्यार्थी दसवीं और बारहवीं की परीक्षा पास करने में सफल हुए है. इस तरह सामुदायिक पुलिस से शिक्षा का उजियारा फैल रह है.
