ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार सुबह लाल सागर में एक और तेल ले जा रहे जहाज को निशाना बनाया. बताया गया है कि इस जहाज पर भारत के 25 क्रू सदस्य सवार थे, जो कि पूरी तरह सुरक्षित हैं. पहले दावा किया जा रहा था कि इस तेल टैंकर पर भारत का झंडा लगा था. हालांकि, भारतीय नौसेना ने इस बात से इनकार किया है. जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद इससे क्षेत्र में ही मौजूद एक अमेरिकी युद्धपोत को खतरे का सिग्नल भेजा गया.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के दावे को नकारते हुए भारतीय नौसेना के एक अधिकारी ने कहा कि एमवी साईबाबा एक गैबॉन के झंडे वाला टैंकर है. हालांकि, इसे सर्टिफिकेशन भारत के रजिस्टर ऑफ शिपिंग से मिला है. दुनियाभर के पोत अलग-अलग देशों से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं.
अमेरिकी सेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक, गैबॉन का यह तेल टैंकर ड्रोन के निशाने पर आ गया. हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. बताया गया है कि अमेरिकी सैनिकों को एक साथ दो जहाजों की ओर से हमले से घिरे होने की सूचना मिली. इनमें एक नॉर्वे के झंडे वाला केमिकल टैंकर एमवी ब्लामानेन था. हूतियों का ड्रोन इसे निशाना बनाने से चूक गया. हालांकि, भारत के झंडे वाला एमवी साईबाबा ड्रोन हमले की जद में आ गया.
लाल सागर में अमेरिका नौसेना भी है तैनात
अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसके युद्धपोतों ने अब तक यमन से उड़ान भरने वाले हूतियों के चार ड्रोन्स को मार गिराया है. इससे पहले शनिवार को अरब सागर में इस्राइल से जुड़े एक टैंकर को निशाना बनाने का आरोप भी ईरान समर्थित इन्हीं हूती विद्रोहियों पर आया है. अमेरिकी सेना का कहना है कि अक्टूबर 17 के बाद शनिवार की घटनाएं हूतियों की तरफ से किसी वाणिज्यिक जहाज पर हमले की 14वीं और 15वीं घटना हैं.
